मीरजापुर: प्रशासन की नाक के नीचे होता रहा धान खरीद घोटाला, खुला खेल तो 60 लोगों पर मुकदमा

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मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में धान खरीद में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। 59 किसानों से 18000 क्विंटल धान की खरीद हो गई और तहसील प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। एसडीएम मड़िहान की आईडी से किसानों का सत्यापन होता रहा। 100 क्विंटल से लेकर 465 क्विंटल तक एक किसान से …

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के मीरजापुर जिले में धान खरीद में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। 59 किसानों से 18000 क्विंटल धान की खरीद हो गई और तहसील प्रशासन को भनक तक नहीं लगी। एसडीएम मड़िहान की आईडी से किसानों का सत्यापन होता रहा। 100 क्विंटल से लेकर 465 क्विंटल तक एक किसान से खरीद होने के बाद अब प्रशासन जागा तो मुकदमा कायम किया गया।

सूत्रों के मुताबिक धान खरीद में लगभग 17 हजार क्विंटल का घोटाला हुआ है। चार केंद्रों पर हजारों क्विंटल खरीद का घोटाला होना बताया जा रहा है। घोटाले में शामिल 60 लोगों के खिलाफ प्रशासन ने मुकदमा दर्ज करवाया है। उपरोक्त जानकारी एडीएम मीरजापुर ने दी है।

जानकारी के अनुसार मड़िहान तहसील क्षेत्र के सन्तनगर एनसीसीएफ केंद्र पर फर्जी खतौनी लगाकर लगभग 17 हजार क्विंटल धान बेचने का मामला प्रकाश में आते ही हड़कम्प मच गया। बताया जाता है कि सन्तनगर क्रय केन्द्र पर दूसरे गांव के किसान अमोई पुरवा गांव के किसान बनकर फर्जी खतौनी की इस्तेमाल कर मनमानी तौर पर धान बेच दिया। धान बेचने को लेकर एक तरफ किसान परेशान हैं तो वहीं दूसरी तरफ बिचौलियों के माध्यम से लगभग 17 हजार क्विंटल धान बेच लिया गया।

बताया जाता है कि रजिस्टर पर आंकड़ा छिपाकर बिचौलियों द्वारा किसान बनकर ऑनलाइन 765 लोगों द्वारा धान बेच दिया गया। मामले की जांच हुई तो प्रशासन के निर्देश पर लेखपाल लल्लन सिंह द्वारा लालगंज थाने में केन्द्र प्रभारी समेत कुल साठ किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।

गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व उपजिलाधिकारी रोशनी यादव द्वारा जांच के दौरान गड़बड़ी पाये जाने पर सात लोगों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया था। लालगंज थाना प्रभारी सुभाष राय ने बताया कि साठ किसानों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में 419,420 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

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