बरेली: लहरा उठा परचमे नियाजिया, शुरू हुआ उर्स

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अमृत विचार, बरेली। परचम कुशाई का जुलूस शुक्रवार को निकाला गया जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जायरीन और अदबी शख्सियतों और नामचीन फनकारों का जमावड़ा रहा। ख्वाजा कुतुब स्थित विश्व विख्यात खानकाहे आलिया नियाजिया पर शुक्रवार को परचम-ए-नियाजिया लहरा उठा है। इसी के साथ यहां कुतबे आलम शाह नियाज बेनियाज अहमद चिश्ती कादरी का …

अमृत विचार, बरेली। परचम कुशाई का जुलूस शुक्रवार को निकाला गया जिसमें बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। जायरीन और अदबी शख्सियतों और नामचीन फनकारों का जमावड़ा रहा। ख्वाजा कुतुब स्थित विश्व विख्यात खानकाहे आलिया नियाजिया पर शुक्रवार को परचम-ए-नियाजिया लहरा उठा है।

इसी के साथ यहां कुतबे आलम शाह नियाज बेनियाज अहमद चिश्ती कादरी का उर्स शुरू हो गया। खानकाह-ए-आलिया नियाजिया के सज्जादानशीन शाह मेहंदी मियां ने परचम कुशाई की रस्म अदा करते हुए दस रोजा उर्स का एलान किया। सिलसिले-ए-नियाजिया के संस्थापक सूफी बुजुर्ग कुतबे आलम हजरत मौलाना शाह नियाज अहमद कादरी चिश्ती (रूहानी उत्ताराधिकारी गौस-ए-आजम ख्वाजा गरीब नवाज) का दस रोज़ा उर्स 15 जनवरी से शुरू हो गया जो 24 जनवरी तक जारी रहेगा।

उर्स की तमाम तकरीबात अपनी पूरी शानो-शौकत और कदीमी रिवायत के साथ शाह मेहंदी मियां सज्जादानशीन खानकाहे आलिया नियाजिया की जेरे सरपरस्ती में मुनअकिद होंगी। दस रोजा उर्स में लगातार खानकाही रिवायत के मुताबिक लंगर जारी रहेगा।

सुबह रोजाना खानकाह के महफिले खाने में कुरआनख्वानी की रूहानी महफिल सजेगी और रात के बाद नमाजे इशा हिन्दुस्तान के मशहूरों व मारूफ कव्वाल नजराना-ए-अकीदत पेश करेंगे। इसमें सुफियाना कलाम भी पेश किये जायेंगे। इसके अलावा तमाम जायरीन चादरपोशी और गुलपोशी करेंगे।

इससे पूर्व परचम-ए-नियाज़िया का जुलूस नौमहला स्थित दरगाह नासिर मियां से रवाना हुआ यहां पहले फातेहा हुई, सलातो सलाम पढ़ा गया। इसके बाद अन्जुमन-ए-साबरिया चिश्तिया के तत्वावधान में परचम का जुलूस ख़ानकाहे नियाज़िया के प्रबन्धक शब्बू मियां नियाज़ी की क़यादत में रवाना हुआ।

यह जुलूस कोतवाली, कुतुबखाना, बड़ा बाज़ार होते हुये ख़ानकाहे नियाज़िया पहुंचा। इस जुलूस में खासतौर से ख़ानकाहे नियाज़िया के साहबजादे जुनैदी मियां नियाज़ी, दरगाह नासिर मिया के ख़ादिम वसीम साबरी, कमाल साबरी, वकील अहमद, शाहिद साबरी व शमशाद, सलीम साबरी, जाबिर साबरी, हनीफ साबरी, साकेत, सुधांशू शर्मा, आरिफ हुसैन, हाजी तारिक व पुराने शहर के कई अंजुमने भी शमिल हुईं।

जुलूस के खानकाहे नियाजिया पहुंचने पर सज्जादानशीन मेहंदी मियां और खानकाहे नियाजिया के तमाम साहबजादगान ने मुरीदों के साथ जुलूस का इस्तकबाल किया। इसके बाद ही परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। उर्स की शुरूआत सुबह कुरआन ख्वानी से हुई। इसके बाद दरगाह पर लोगों की हाजिरी का सिलसिला शुरू हो गया।

दोपहर में फातेहा के बाद लंगरखाना खोल दिया गया। शब्बू मियां ने खानकाहे नियाजिया के तमाम साहबजादों के साथ उर्स की सारी व्यवस्थाओं का स्वयं जायजा लिया। जयरीन के आने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। शब्बू मियां के निजी सचिव मौलाना कासिम नियाजी ने बताया उर्स में शिरकत करने के लिए देश-विदेश की खानकाहों के सज्जादगान, मशाइख, प्रोफेसर, डाक्टर, लेखक, बुद्धिजीवी आादि नजराने अकीदत पेश करने के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं कल से शास्त्रीय संगीत के फनकारों का भी आना शुरू हो जायेगा।

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