योद्धाओं का आभार
हमारे देश में कोरोना की वैक्सीन बनने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण का शुभारंभ करने जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पहले दिन देश के 2934 केंद्रों पर देश भर के तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले टीका लगाया जाएगा। असल में, सरकार ने देश भर …
हमारे देश में कोरोना की वैक्सीन बनने के बाद अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को कोरोना वैक्सीन के टीकाकरण का शुभारंभ करने जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पहले दिन देश के 2934 केंद्रों पर देश भर के तीन लाख स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले टीका लगाया जाएगा।
असल में, सरकार ने देश भर के उन स्वास्थ्य कर्मियों को सबसे पहले कोरोना का टीकाकरण करने का ऐलान किया है जिन्होंने कोरोना महामारी में अपनी और अपने परिवार की जान जोखिम में डालकर दिन-रात एक करके संक्रमण का शिकार हुए लोगों का इलाज किया।
कोरोना संक्रमितों से जब उनके अपने ही दूर होने लगे तब अस्पतालों के चिकित्सक, नर्स और अन्य स्टाफ वाले यही योद्धा आगे आए और मानवता की खातिर अपने कर्त्तव्य का भलीभांति निर्वाह किया।
निस्संदेह यह बेहद पुनीत कार्य है, जो उन्होंने शुरू से ही निस्वार्थ भाव से अंजाम दिया है और लगातार दे भी रहे हैं। इसके लिए वे सदैव याद किए जाएंगे, इसलिए ही ये कोरोना योद्धा कहलाए। इस विश्वव्यापी महामारी काल में इन कोरोना योद्धाओं का योगदान सराहनीय है। इनके योगदान का कोई मूल्य नहीं हो सकता। इसके लिए हमारे देश में इन कोरोना योद्धाओं का सम्मान शुरू से ही किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इनके आभार रूवरूप तालियां बजाने और दीप जलाने का देशव्यापी आयोजन कराया था।
देश में न जाने कितने कोरोना योद्धा संक्रमितों की सेवा करते हुए शहीद हो गए। उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। वैसे तो कोरोना योद्धाओं के योगदान का कोई मूल्य नहीं हो सकता लेकिन अब चूंकि हमारे देश में कोरोना की वैक्सीन बन गई है तो इस पर सबसे पहला हक इन्हीं का बनता है।
सरकार ने सबसे पहले इनके टीकाकरण का निर्णय लेकर सही मायने में इनके प्रति आभार और सम्मान प्रकट किया है। टीकाकरण के बाद देश के सारे कोरोना योद्धा और हिम्मत के साथ संक्रमितों के इलाज का जोखिम पूर्ण कार्य कर पाएंगे। वे खुद को संक्रमण से बचा पाएंगे। होना तो यह भी चाहिए कि इन कोरोना योद्धाओं के बाद उनके परिवार के सदस्यों का टीकाकरण भी प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, इसके बाद ही बाकी लोगों का टीकाकरण होना चािहए।
