बरेली: कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ जवान के मकान पर कब्जा

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Edited By Amrit Vichar
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अमृत विचार, बरेली। कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ जवान के मकान पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया। जवान की गैरमौजूदगी में दबंगों ने पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट की। जवान के घर आने पर भी दबंगों ने दोबारा से हमला बोल दिया और जवान को परिवार के साथ बाहर निकाल दिया। इस पर …

अमृत विचार, बरेली। कश्मीर में तैनात सीआरपीएफ जवान के मकान पर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा कर लिया। जवान की गैरमौजूदगी में दबंगों ने पत्नी व बच्चों के साथ मारपीट की। जवान के घर आने पर भी दबंगों ने दोबारा से हमला बोल दिया और जवान को परिवार के साथ बाहर निकाल दिया।

इस पर इज्जतनगर थाना पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। मकान वापस दिलाने की मांग को लेकर सोमवार को जवान ने परिवार के साथ कलेक्ट्रेट में धरना दिया। फौजी वर्दी पहने रजत बिहार के सुरेंद्र पाल पुत्र जोरावल लाल के हाथ में ‘मेरा मकान वापस दिलाओ’ की तख्ती लेकर धरना देने की बात मालूम होने पर अधिकारियों में खलबली मच गई।

डीएम के कक्ष में जन सुनवाई कर रहे अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम रोहित कुमार यादव मौके पर पहुंचे और जवान को समझाकर किसी तरह धरना समाप्त कराया। एसीएम ने जवान की शिकायत सुनी। अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम ने डीएम की ओर से एसडीएम सदर को जांच कर रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। एसीएम प्रथम ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जवान ने पहले प्रशासन से मदद नहीं मांगी थी।

जिलाधिकारी को संबोधित शिकायती पत्र सौंपकर जवान सुरेंद्र पाल ने बताया कि मां जावित्री देवी ने 29 अप्रैल, 2005 में एक प्लाट रजत बिहार में शिव मंदिर के पास गौरी शंकर पुत्र कल्लू राम से खरीदा था। उसके बाद प्लॉट को बनवा लिया। वह उस मकान में वर्ष 2005 से रह रहा है।

इस बीच मां का स्वर्गवास हो गया। इधर, 13 जनवरी को दोपहर 2 बजे कुछ लोग मकान में घुस आए। यह कहने लगे कि यह मकान हमारा है। उस वक्त घर में उसकी पत्नी व बच्चे मौजूद थे। सभी लोग जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर गालियां दे रहे थे। पत्नी व बच्चों ने विरोध किया तो भाई की बेटी से अभद्रता करने लगे।

परिवार के लोगों का शोर सुनकर आसपास के लोग एकत्र हुए। उन्होंने परिवार को बचाया। पत्नी ने फोन पर घटनाक्रम बताया तो उसने 112 नंबर पर कॉल की। पुलिस आ गयी। इसके बाद पुलिस ने दोनों पक्षों को थाने बुलाया। उसने पुलिस को बैनामा भी दिखाया लेकिन पुलिस ने यह कहकर वापस कर दिया कि देख लेंगे, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की।

वह घर आए तो दबंग फिर आ गए। इस दौरान दबंगों ने मारपीट की। आरोप है कि दबंगों ने सामान लूटा। जबरन मकान पर कब्जा कर लिया। उसे परिवार के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया। पुलिस के पास पहुंचे मगर पुलिस ने फिर उसकी नहीं सुनीं। जवान सुरेंद्र पाल ने कहा है कि उसका मकान वापस नहीं दिलाया गया तो वह परिवार के साथ आत्महत्या करने को मजबूर हो जाएगा।

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