उप्र: मध्यांचल के 19 जिलों में 700 करोड़ से सुधरेगी बिजली व्यवस्था
लखनऊ, अमृत विचार। मध्यांचल के 19 जिलों के शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त होगी। सरकार की मंशा के अनुरुप निर्वाध सप्लाई के लिए विभागीय अधिकारियों ने काम करना शुरू कर दिया है। वहीं आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए करीब सात सौ करोड़ खर्च किए जाएंगे। निदेशक तकनीकी सुधीर …
लखनऊ, अमृत विचार। मध्यांचल के 19 जिलों के शहरों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त होगी। सरकार की मंशा के अनुरुप निर्वाध सप्लाई के लिए विभागीय अधिकारियों ने काम करना शुरू कर दिया है। वहीं आपूर्ति को दुरुस्त करने के लिए करीब सात सौ करोड़ खर्च किए जाएंगे।
निदेशक तकनीकी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एक हजार घर से ज्यादा मजरों की एलटी और जर्जर लाइनों को हटाकर इसकी जगह पर एबीसी लाइनों को लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि एबीसी लाइनों के लगाए जाने के बाद आपूर्ति में निरंतरता रहेगी। इसके लिए मध्यांचल निगम को 700 करोड़ रुपये मिल गए हैं। उन्होंने बताया कि कामों को कराए जाने के लिए एलएंडटी और एनसीसी दो निजी कंपनियों से बात हो गई। इन दोनों कंपनियों के साथ मिलकर काम को किया जाएगा।
18 महीने में काम होगा पूरा
लाइनों के दुरुस्तीकरण, तारों बदले जाने और एबीसी को लाइनों को लगाने के लिए 18 महीने का समय मिला है। इन सभी कामों को डेढ़ साल के अंदर पूरा कर लिया जाएगा। निदेशक तकनीकी ने बताया कि काम को जल्द ही शुरू करा दिया जाएगा। जल्द से जल्द काम को पूरा करने की कोशिश होगी। उन्होंने बताया कि लाइनों के बदले जाने और दुरुस्तीकरण के बाद आपूर्ति में निरंतरता आएगी। सरका के मंशा के अनुरुप हम मजरों को भी शिडयूल के हिसाब से सप्लाई कर सकेंगे। बता दें कि मध्यांचल के शहरों की बिजली सप्लाई तो ठीक है, लेकिन जर्जरों लाइनों और खंभों की वजह से गांवों की बिजली को मेनटेन नहीं किया जा सका गया है।
इन जगहों की गांवों की लाइनें होंगी दुरुस्त
लखनऊ जोन के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्र (एक हजार से ज्यादा घर वाले मजरों) की जर्जर और एलटी लाइनों को हटाकर एबीसी लाइनों को लगाया जाएगा। इस दौरान बरेली, बदांयू, लखीमपुर, गोंडा, शाहजहांपुर, श्रावस्ती, बाराबंकी, अयोध्या, उन्नाव्र, सीतापुर, बहराइच सहित कई और जिलों के मजरों की लाइनों को दुरुस्त किया जाएगा।
रुकेगी बिजली चोरी
19 जिलों के मजरों की एलटी लाइनों को हटाकर एबीसी लाइनों को लगाने से आपूर्ति में तो सुधार होगा ही साथ में बहुत हद तक लाइनों में डायरेक्टर कटिया डालकर चोरी की जा रही बिजली को रोकी जा सकेगी। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि एबीसी लाइनों के लगाए जाने से बिजली चोरी तो रुकेगी ही साथ में एटीएंडसी में भी सुधार होगा।
