बरेली: सार्वजनिक भवनों में नहीं हैं दिव्यांगजन हितैषी इंतजाम
बरेली,अमृत विचार। दिव्यांगजनों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सार्वजनिक भवनों को दिव्यांगजन व वृद्धजन हितैषी बनाया जाना है। चाहें भवन पूर्व निर्मित हो या फिर नवनिर्मित इसके लिए सुगमता मानकों का पालन करना होगा। लेकिन जिले के अधिकांश सरकारी भवनों में दिव्यांगों के पहुंचने के लिए रैंप नहीं है। कहीं …
बरेली,अमृत विचार। दिव्यांगजनों को किसी भी तरह की दिक्कत न हो, इसके लिए सार्वजनिक भवनों को दिव्यांगजन व वृद्धजन हितैषी बनाया जाना है। चाहें भवन पूर्व निर्मित हो या फिर नवनिर्मित इसके लिए सुगमता मानकों का पालन करना होगा। लेकिन जिले के अधिकांश सरकारी भवनों में दिव्यांगों के पहुंचने के लिए रैंप नहीं है। कहीं रैंप हैं तो काफी दूर बनी है तो कहीं रैप ग्राउंड फ्लोर पर ही है, जबकि अधिकारी ऊपरी मंजिल पर बैठ रहे हैं। दिव्यांगजनों के रैंप और सीढ़ियां दोनों जरूरी हैं।
जिले में करीब एक लाख दिव्यांग जन हैं। वहीं, सबसे पहले विकास भवन की बात करें तो दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी का दफ्तर है। यहां पर ग्राउंड फ्लोर में जाने के लिए तो रैंप बनी है। लेकिन प्रथम व द्वितीय तल पर जाने के लिए दिव्यांगों के लिए कोई इंतजाम नहीं है। जबकि ऊपरी तल पर ही वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तर हैं। सामने से सीढि़यां काफी ऊंची हैं। इतनी बड़े भवन में कोई लिफ्ट की भी व्यवस्था नहीं है।
कलेक्ट्रेट की बात करें तो यहां पर जिलाधिकारी व सभी एडीएम, एसीएम व अन्य अधिकारियों के दफ्तर हैं। यहां पर सामने तो रैंप बनी है लेकिन जिलाधिकारी व अन्य अधिकारियों तक पहुंचने के लिए दिव्यांगजन को काफी दूर चक्कर लगाकर पहुंचना होगा। पुराना रोडवेज की बात करें तो आरएम के दफ्तर के लिए दिव्यांगों के पहुंचने के कोई इंतजाम नहीं हैं। बिजली विभाग के दफ्तरों में भी इसी तरह के हालात हैं।
सरकारी भवनों के अलावा अन्य कई ऐसे भवन हैं, जहां पर काफी संख्या में दिव्यांगजन पहुंचते हैं। लेकिन उनके लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। शासन ने सभी सरकारी दफ्तरों, सार्वजनिक स्थानों व निजी भवनों जहां अधिक संख्या में लोग पहुंचते हैं, वहां दिव्यांगजन हितैषी इंतजाम करने होंगे। इसके अलावा सभी फ्लोर पर दिव्यांजनों के लिए शौचालय भी होना जरूरी है। सभी तरह के भवनों के लिए मानक निर्धारित किए गए हैं।
इसके लिए भारत सरकार द्वारा हारमोनाइज्ड गाइडलाइंस एंड स्पेश स्टैंडर्ड फार बैरियर फ्री एन्वायरमेंट फार पर्सन विद डिसएबिलिटीज एंड इल्डरली पर्सनंस 2016 निर्गत किया गया है। इसके तहत सार्वजनिक भवनों में साइन बोर्ड लगे होने चाहिए। ऑडियो सिस्टम होना चाहिए। हैंडरेल होनी चाहिए। सीढ़ियों भी निर्धारित मानक में होनी चाहिए। बहुमंजिला भवन में लिफ्ट भी होनी चाहिए। सार्वजनिक भवनों को दिव्यांगजन हितैषी बनाने के लिए अक्टूबर 2018 और दिसंबर 2020 में दिशा-निर्देश शासन ने जारी किए थे। एक बार फिर से 15 जनवरी 2021 को शासन ने सभी विभागाध्यक्ष, सभी मंडलायुक्त, सभी जिलाधिकारियों, व अन्य को निर्देश जारी किए हैं।
“जितने भी नए भवन बनाए जा रहे हैं, उन्हें दिव्यांगजन हितैषी ही बनाया जा रहा है। पूर्व निर्मित भवनों में भी इसके इंतजाम किए जाएंगे।” -योगेश पांडेय, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी
