प्रधानमंत्री आवास योजना में 1.1 करोड़ मकानों के निर्माण को मिली मंजूरी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब तक 1.1 करोड़ मकानों के निर्माण को मंजूरी दी गई जिनमें से 70 लाख से अधिक मकानों का निर्माण विभिन्न चरणों में है और 41 लाख से अधिक मकान बनाए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी कर केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति …
नई दिल्ली। केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अब तक 1.1 करोड़ मकानों के निर्माण को मंजूरी दी गई जिनमें से 70 लाख से अधिक मकानों का निर्माण विभिन्न चरणों में है और 41 लाख से अधिक मकान बनाए जा चुके हैं।
प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी कर केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति की 52 वीं बैठक में 168,606 मकानों के निर्माण को मंजूरी दी गई। इस बैठक में 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने हिस्सा लिया। यह बैठक केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में मिश्र ने बताया कि कई राज्यों ने पर्यावरण से जुड़े कारणों की वजह से भूमि के आकार में होने वाले बदलाव, अंतर शहरी विस्थापन और अलग-अलग तरह के लाभार्थियों के लिए तय की गई प्राथमिकताओं में परिवर्तन आदि कारणों से प्रस्तावित योजना की पुनर्समीक्षा करने का प्रस्ताव किया है।
योजना के तहत 70 लाख से अधिक मकानों का निर्माण विभिन्न चरणों में है और 41 लाख से अधिक मकान बनाए जा चुके हैं। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से प्रधानमंत्री आवास योजना को तेजी के साथ लागू करने का अनुरोध किया।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्रिपुरा में अगरतला, झारखंड में रांची, उत्तर प्रदेश में लखनऊ, मध्य प्रदेश में इंदौर, गुजरात में राजकोट और तमिलनाडु में चेन्नई जैसे शहरों में शुरू की गई “लाइटहाउस” परियोजना से सीख लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश भर में बड़े पैमाने पर आवास बनाने के लिए इस तकनीक का अनुसरण किया जाना चाहिए।
कोविड-19 महामारी के दौरान केंद्रीय मंजूरी और निगरानी समिति की यह दूसरी बैठक थी। आवास और शहरी विकास मंत्रालय ने 2022 तक देश में सभी लाभार्थियों को पक्के मकान बनाकर देने का लक्ष्य रखा है। देश 2022 में स्वाधीनता की 75वीं वर्षगांठ मनाने वाला है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत सभी के लिए घर की परिकल्पना की गई है। इसके लिए निर्धारित समय के भीतर देशभर में किफायती दरों वाले मकानों के निर्माण का काम तेजी से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
