बरेली: 40 में खरीदकर 70 रुपये लीटर बेचते थे पेट्रोल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। डिपो से निकलने वाले टैंकर चालकों से मिलीभगत कर तेल तस्कर लाखों का खेल कर रहे थे। वह एक टैंकर से 100 से 150 लीटर तेल 40 रुपये लीटर में खरीदा करते थे और फिर उसे 70 रुपये लीटर के हिसाब से लोगों को बेच देते थे। साथ ही पेट्रोल और डीजल …

बरेली, अमृत विचार। डिपो से निकलने वाले टैंकर चालकों से मिलीभगत कर तेल तस्कर लाखों का खेल कर रहे थे। वह एक टैंकर से 100 से 150 लीटर तेल 40 रुपये लीटर में खरीदा करते थे और फिर उसे 70 रुपये लीटर के हिसाब से लोगों को बेच देते थे। साथ ही पेट्रोल और डीजल में कैरोसिन के साथ केमिकल मिलाया करते थे। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, आरोपियों के पास से पुलिस को 11400 लीटर पेट्रोल और डीजल बरामद हुआ है।

गुरुवार दोपहर पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में एसएसपी ने बताया कि बुधवार शाम को किला पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सिटी श्मशान भूमि के पास से बदायूं के बजीरगंज स्थित सिसइया निवासी रईस और उनके बेटे अनीस को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि वह टैंकर चालकों से आधे दामों में पेट्रोल और डीजल खरीदकर उसमें मिलावट कर बाजार से कम दामों में बेच देते थे।

पूछताछ में पता चला कि उन्होंने बगैना गांव में गोदाम बना रखा था जहां टैंकरों से पेट्रोल और डीजल निकालकर रखा जाता था। पुलिस ने वहां दबिश देकर 29 ड्रमों में भरा 5800 लीटर पेट्रोल और 28 ड्रमों में भरा 5600 लीटर डीजल बरामद कर लिया। आरोपियों ने बताया कि टैंकर चालकों की डिपो के अंदर के स्टाफ से मिलीभगत होती है। इसके दम पर वह अपने वाहनों में पेट्रोल और डीजल ज्यादा डलवा लेते हैं और बाहर आकर उसे बेच दिया करते हैं। लंबे समय से यह खेल आंवला पुलिस की मदद से खेला जा रहा था।

और लोगों की भी हो सकती है गिरफ्तारी
आरोपियों ने पुलिस के समक्ष कई राज खोले हैं जिसमें तेल के खेल से जुड़े लोगों के नाम भी बताए हैं। टैंकर चालक के साथ-साथ डिपो के अंदर काम करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। पुलिस को कुछ मोबाइल नंबर भी मिले हैं जिन्हें सर्विलांस पर लिया गया है।

डुप्लीकेट चाबी से खोलते थे टैंकर
आरोपी डुप्लीकेट चाबी से टैंकर का लॉक खोलते थे। इसके बाद एक डिब्बे में नापकर तेल निकाला जाता था। डिब्बे में एक बार में 14 लीटर तेल आता है। तेल तस्कर उसी डिब्बे से तेल नापकर लिया करते थे।

गांवों में खुलकर बिकता है पेट्रोल
जो गांव सड़क से दूर हैं और उनसे पेट्रोल पंप काफी दूरी पर है उन गांवों में कोटेदारों की तरह ही लोग ड्रम लेकर बैठ जाते हैं और पेट्रोल बेचते हैं। जिले के कई गांवों में आज भी इसी तरीके से तेल बेचा जा रहा है।

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