मुरादाबाद: टीका लगने के बाद आशा कार्यकत्री बेहोश, 14 और की बिगड़ी तबियत
मुरादाबाद, अमृत विचार। डिलारी वैक्सीनेशन केंद्र पर लाभार्थी के रूप में आई आशा कार्यकत्री टीका लगने के बाद बेहोश हो गई। महिला लाभार्थी की हालत देख केंद्र में खलबली मच गई। फौरन विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। महिला को एईएफआई सेंटर भर्ती किया गया। मौके पर पहुंचे एसीएमओ डा. जीएस मर्तोलिया ने अपनी …
मुरादाबाद, अमृत विचार। डिलारी वैक्सीनेशन केंद्र पर लाभार्थी के रूप में आई आशा कार्यकत्री टीका लगने के बाद बेहोश हो गई। महिला लाभार्थी की हालत देख केंद्र में खलबली मच गई। फौरन विभाग के उच्चाधिकारियों को सूचित किया गया। महिला को एईएफआई सेंटर भर्ती किया गया। मौके पर पहुंचे एसीएमओ डा. जीएस मर्तोलिया ने अपनी निगरानी में महिला के स्वास्थ्य का परीक्षण कराया।
इस दौरान सब कुछ सामान्य मिलने के बाद अफसरों ने राहत की सांस ली। पर बताया जाता है कि इस महिला कर्मी को काफी समय तक होश ही नहीं आया। यही नहीं यह खलबली बाकी आठ केंद्रों पर भी देखी गई। इन केंद्रों पर वैक्सीनेशन के बाद 14 और कर्मचारियों की सेहत खराब हो गई।
मझोली की रहने वाली आशा कार्यकत्री की उम्र करीब 27 वर्ष है। सीएचसी डिलारी की एक कर्मी ने बताया कि इंजेक्शन लगने के बाद अचानक आशा की तबियत बिगड़ने लगी। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता वह बेहोश होने लगी। एसीएमओ डा. जीएस मर्तोलिया ने बताया कि सूचना पर जाकर जब उसका स्वास्थ्य जांचा तो वह ठीक थी। उसकी ऑक्सीजन, पल्सरेट, ब्लडप्रेशर सामान्य निकला। उससे बात भी की, जिसमें उसने स्वस्थ होने की बात कही थी।
इसके साथ ही मूंढापांडे में सबसे अधिक लाभार्थियों की तबियत बिगड़ी। यहां तीन को एईएफआई सेंटर में भर्ती किया गया। इसके साथ ही कांठ, टीएमयू और एशियन विवेकानंद अस्पताल में एक-एक, भोजपुर, ताजपुर और शहर के कॉसमॉस और ब्राइटस्टार अस्पताल में दो-दो कर्मी बीमार हो गए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. एमसी गर्ग ने बताया कि घबराहट और हल्की फुल्की तबियत बिगड़ी पाई गई। किसी का जी मिचलाया तो कुछ ने सिर दर्द की समस्या कही। कोई गंभीर बीमार नहीं था।
जोश घटा, 62 फीसदी ही हुआ वैक्सीनेशन
जिले में इस बार वैक्सीनेशन का प्रतिशत घट गया। पहले वैक्सीनेशन में 80 फीसदी लाभार्थी पहुंचे थे, जबकि इस बार मात्र 62 फीसदी लाभार्थियों ने टीका लगवाया। जिले के 16 अस्पतालों को 3277 का लक्ष्य दिया गया था, जिसके सापेक्ष 2031 कर्मचारी टीका लगवाने पहुंचे थे। पर 91 फीसदी के साथ बेहतर प्रदर्शन ठाकुरद्वारा का रहा। उसके बाद बिलारी में 76, भोजपुर में 75, डिलारी 72, कासमास 70, कुंदरकी 66, जिला अस्पताल में 64, टाउनहाल में 61, ताजपुर में 60, महिला अस्पताल में 56, कांठ में 53, सिद्ध और टीएमयू में 52, मूंढापांडे में 49, एशियन विवेकानंद में 37, ब्राइटस्टार अस्पताल में 35 फीसदी वैक्सीनेशन हुआ।
इन केंद्र पर लगा टीका
अस्पताल सत्र लक्ष्य सफलता
जिला अस्पताल 1 100 64
महिला अस्पताल 1 97 54
टीएमयू 2 200 103
ब्राइट स्टार 2 192 68
कासमास 2 200 140
एशियन विवेकानंद 1 100 37
सिद्ध अस्पताल 1 100 52
टाउनहॉल पीएचसी 1 100 61
सीएचसी कांठ 3 296 157
सीएचसी कुंदरकी 3 300 197
सीएचसी डिलारी 3 300 217
सीएचसी मूंढापांडे 3 300 147
सीएचसी ताजपुर 3 300 181
सीएचसी भोजपुर 3 300 226
सीएचसी बिलारी 2 200 152
सीएचसी ठाकुरद्वारा 2 192 175
स्वास्थ्य कर्मियों के परिवार के सदस्य घबराए दिखे
कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर स्वास्थ्य कर्मियों के परिवार के सदस्य घबराए दिखे। उन्होंने टीका न लगवाने को कहा तो उनकी चिंता दूर करते हुए इन कर्मचारियों ने पहले परिवार का हौसला बढ़ाया। उन्होंने वैक्सीनेशन से किसी तरह का खतरा न होने और अफवाहों से बचने की सलाह दी। कुष्ठ विभाग के आरएन वाजपायी, डा. नितिन यादव, एनएचएम के प्रबंधक प्रमोद कुमार, डा. एससी मिश्रा ने बताया कि परिवार के सदस्य घबराए हुए थे। पर समझाने के बाद उनकी चिंता दूर कर ली गई। स्वास्थ्य विभाग के जेई भूप सिंह ने बताया कि एमबीए की छात्रा उनकी बेटी ने भी उन्हें वैक्सीनेशन के लिए रोका था। एडी कार्यालय के पंकज शर्मा की पत्नी टाउनहॉल वैक्सीनेशन केंद्र तक उनके साथ आईं और सेहत के बारे में पूछती रही। इसी तरह अन्य कई कर्मचारी ऐसे थे, जिनके परिवार के सदस्य कॉल कर उनका हालचाल जानते रहे।
हिम्मत बढ़ाने सीएमओ पहुंचे परीक्षण कक्ष
वैक्सीनेशन के दूसरे दिन वार्ड ब्वाय की मौत हो जाने के बाद जो असर टीकाकरण दिवस पर देखा गया, उससे अधिकारी भी चिंतित दिखे। सीएमओ डा. एससी गर्ग ने जिला अस्पताल और महिला अस्पताल केंद्र का निरीक्षण तो किया ही, साथ ही लाभार्थियों के साथ परीक्षण रूम में समय भी बिताया। इस दौरान उन्होंने उनसे बात की और उनकी सेहत के बारे में पूछते रहे।
धीमी चाल ने बढ़ा दी वैक्सीन की चिंता
दूसरे टीकाकरण दिवस पर लाभार्थियों के पहुंचने की चाल काफी धीमी रही। इस वजह से वैक्सीन को लेकर भी अधिकारियों में चिंता देखी गई। दरअसल वायल खुलने के बाद उसका प्रयोग चार घंटे तक ही किया जा सकता है। अर्बन टीकाकरण के नोडल अधिकारी डा. एससी मिश्रा ने बताया कि किसी भी वायल में पहली डोज लगने के बाद बाकी नौ डोज को चार घंटे के भीतर प्रयोग करना जरूरी होता है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल के अलावा टाउनहॉल में भी यह चिंता देखी गई। नोडल अधिकारी द्वारा लाभार्थियों को कॉल कर केंद्र पर बुलाना पड़ा।
किसी ने बुखार तो किसी ने हृदय संबंधि समस्या बताकर वैक्सीनेशन से इनकार किया
वार्ड ब्वाय की मौत के बाद टीकाकरण केंद्र पर काफी अहतियात बरती गई। लाभार्थियों से पूछा गया कि किसी प्रकार की कोई बीमारी, एलर्जी या अन्य कोई दिक्कत तो नहीं है। साथ ही उनकी पल्स रेट, बुखार और ब्लड प्रेशर की जांच के बाद ही रजिस्ट्रेशन किया गया। इस दौरान कई ने बुखार बताया तो किसी ने हृदय संबंधि समस्या बताते हुए वैक्सीनेशन न कराने की इच्छा जताई। ऐसे करीब दो दर्जन कर्मचारी थे, जिनके नाम सूची में तो थे, पर उन्होंने शारीरिक तकलीफ बताकर टीकाकरण में खुद को शामिल नहीं किया।
धीमे इंटरनेट ने भी बढ़ाया काम
धीमे इंटरनेट के कारण पोर्टल काफी काम बढ़ाता रहा। जब पोर्टल खुलने में देरी हुई तो कर्मचारियों ने कागजीतौर पर रजिस्ट्रेशन किया। जब नेट सही हुआ तो उसे पोर्टल पर अपलोड किया।
