किसानों की कुर्बानी से क्या हल होगा मसला?, सिंघु बार्डर पर एक और किसान ने की आत्महत्या
नई दिल्ली। सरकार और किसानों के बीच नए कृषि कानूनों को लेकर टकराव जारी है। बीते लगभग 50 से ज्यादा दिनों से किसान कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठा है। 11 बार बातचीत होने पर भी किसानों और सरकार के बीच कोई सहमति नहीं बनती नजर आ रही है। इस बीच …
नई दिल्ली। सरकार और किसानों के बीच नए कृषि कानूनों को लेकर टकराव जारी है। बीते लगभग 50 से ज्यादा दिनों से किसान कड़कड़ाती ठंड में खुले आसमान के नीचे धरने पर बैठा है। 11 बार बातचीत होने पर भी किसानों और सरकार के बीच कोई सहमति नहीं बनती नजर आ रही है। इस बीच सिंघु बार्डर पर रतन सिंह नाम के एक किसान ने आत्महत्या कर ली। रतन सिंह किसान संगठन के कार्यकर्ता बताए जाते हैं।

शनिवार को रतन सिंह की आत्महत्या की खबर से उनके गांव कोटली ढोले शाह में शोक की लहर दौड़ गई। बताया जाता है कि रतन सिंह कई दिनों से किसान आंदोलन का हिस्सा बने हुए थे।
इससे पहले हरियाणा में सोनीपत के कुंडली बॉर्डर धरना स्थल पर एक किसान की जहरीला पदार्थ पीने से मंगलवार को अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई थी। पंजाब में लुधियाना के गांव सरथला निवासी लाभ सिंह (49) ने कुंडली धरनास्थल पर मुख्य मंच के पास पहुंचकर जहरीला पदार्थ पी लिया था।
किसान की हालत बिगड़ी देख उसे तुरंत एंबुलेंस से बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान आज उसकी मौत हो गई। कुंडली थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। जिसके बाद उनका बेटा कुलदीप और अन्य परिजन उनके शव को लेकर पंजाब लौट गए।
