बरेली: जिन स्वास्थ्य कर्मियों ने किया है ये काम, वैक्सीनेशन की लिस्ट से हटेगें उनके नाम
अमृत विचार, बरेली। सरकारी व निजी अस्पतालों में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जो अब नौकरी छोड़ चुके हैं उन्हें स्वास्थ्यकर्मी नहीं माना जाएगा। साथ ही ऐसे कर्मचारियों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए बनाई गई सूची से उनके नाम भी हटा दिए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पतालों से सूची …
अमृत विचार, बरेली। सरकारी व निजी अस्पतालों में कार्यरत ऐसे कर्मचारी जो अब नौकरी छोड़ चुके हैं उन्हें स्वास्थ्यकर्मी नहीं माना जाएगा। साथ ही ऐसे कर्मचारियों को वैक्सीनेशन में प्राथमिकता नहीं दी जाएगी। कोरोना वैक्सीनेशन के लिए बनाई गई सूची से उनके नाम भी हटा दिए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी अस्पतालों से सूची बनने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं से अलग होने वालों की जानकारी मांगी है।
केंद्र सरकार का आदेश है कि कोरोना वैक्सीनेशन में स्वास्थ्यकर्मियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसी के तहत वैक्सीन आने की सुगबुगाहट के बीच जिले में चार सौ से ज्यादा छोटे-बड़े निजी अस्पताल, क्लीनिक, पैथोलॉजी, नर्सिंग होम में कार्यरत कर्मचारियों की सूची पोर्टल पर अपलोड करने के लिए मांगी गई थी।
वैक्सीनेशन के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों की ओर से कोविन एप पर अपलोड की गई सूची में करीब 27 हजार स्वास्थ्यकर्मियों के नाम थे। यह सूची बनने की प्रक्रिया वैक्सीनेशन के करीब दो माह पहले शुरू हुई थी जिसके बाद तमाम स्वास्थ्यकर्मी नौकरी छोड़ चुके हैं। चूंकि इन लोगों के अब मरीजों के संपर्क में आने की संभावना खत्म हो चुकी है इसलिए सूची से उनके नाम हटाए जा रहे हैं।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार ने बीसलपुर रोड स्थित गंगाशील मेडिकल कालेज में कोविड वैक्सीनेशन अभियान का शुभारंभ किया था। उसमें अस्पताल के सिर्फ 52 स्वास्थ्यकर्मियों का ही वैक्सीनेशन हुआ था। अस्पताल प्रबंधन से जब इसका कारण पूछा गया तो पता चला कि सूची बनने के बाद 22 लोगों ने मेडिकल कालेज से निजी कारणों से नौकरी छोड़ दी। इसलिए उन लोगों का टीकाकरण नहीं हो पाया।
