मुरादाबाद: किसानों की ट्रैक्टर परेड को लेकर पुलिस अलर्ट, हाईवे पर भारी फोर्स तैनात
मुरादाबाद, अमृत विचार। नए कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द करवाने की मांग कर किसान दिल्ली की ओर रवाना हो रहे हैं। विरोध में गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में होने वाली किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड को लेकर जिले का माहौल गर्मा गया है। पुलिस-प्रशासन की तमाम तैयारियों के बीच किसान दिल्ली …
मुरादाबाद, अमृत विचार। नए कृषि कानूनों को पूरी तरह से रद्द करवाने की मांग कर किसान दिल्ली की ओर रवाना हो रहे हैं। विरोध में गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में होने वाली किसानों की प्रस्तावित ट्रैक्टर परेड को लेकर जिले का माहौल गर्मा गया है। पुलिस-प्रशासन की तमाम तैयारियों के बीच किसान दिल्ली पहुंचने की रणनीति बना रहे हैं। हुजूम में पहुंचने की बजाए वह एक-एक करके पुलिस को चकमा देकर दिल्ली कूच करने की तैयारी कर रहे हैं।
इसी के तहत शनिवार को तमाम किसान मूंढापांडे टोल व काशीपुर रोड से होते हुए ट्रैक्टर से दिल्ली की ओर निकल गए। छजलैट व कांठ क्षेत्र के तमाम किसान भी दिल्ली कूच करने में सफल हो ही गए लेकिन ऐन वक्त पर अमरोहा जिले में पुलिस-प्रशासन ने रोक लिया। लगातार अफसर किसान नेताओं से संपर्क कर मान-मनौव्वल करने का प्रयास कर रहे हैं तो वहीं किसानों के तेवर भी तल्ख है। इतना ही नहीं छजलैट क्षेत्र में किसानों ने सरकार की सदबुद्धि के लिए हवन-पूजन का आयोजन शुरू कर दिया है तो वहीं मूंढापांडे क्षेत्र में किसानों ने बाकायदा बैठक कर अगली रणनीति तैयार की।
महानगर व पाकबड़ा क्षेत्र में भी किसान नेताओं ने जनसंपर्क किया। कृषि कानून के विरोध में पिछले दो माह से देशभर के हजारों किसान दिल्ली में आंदोलन कर रहे हैं। भारत बंद और कलेक्ट्रेट परिसर के घेराव के बाद किसानों ने गणतंत्र दिवस के मौके पर ट्रैक्टर रैली निकालने का ऐलान कर हड़कंप मचा दिया है। कुछ दिनों पहले किसानों ने इस ट्रैक्टर रैली को सफल बनाने के लिए एक रिहर्सल भी की थी।
गणतंत्र दिवस का वक्त नजदीक आने के साथ ही किसानों के तल्ख तेवर और दिल्ली कूच करने की रणनीति ने पुलिस-प्रशासनिक अफसरों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। किसानों के साथ हुई कई वार्ताएं विफल होने के बाद इस रैली को लेकर पूरे देश में हाईअलर्ट घोषित इस आंदोलन को लेकर पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शनिवार को गणतंत्र दिवस के मौके पर निकाली जाने को लेकर जिले का माहौल गर्म हो गया।
मूंढापांडे में रणनीति बनाकर दिल्ली रवाना हुए किसान
शनिवार को इस रैली को सफल बनाने के लिए मूंढापांडे थाना क्षेत्र में किसान अन्नदाता संगठन के राष्ट्रीय युवा मोर्चा के अध्यक्ष डा. मोहम्मद रिजवान के दलतपुर स्थित कार्यालय पर एक सभा का आयोजन किया गया। जिसमें दिल्ली कूच करने वाले सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया। यहां पर निर्णय लिया गया कि किसानों का प्रयास हर हाल में दिल्ली में होने वाली रैली में शामिल होने का है। हुजूम में जाने से अगर पुलिस रोकती है तो वह टुकडों में बंटकर दिल्ली कूच करेंगे। पूरी रणनीति पर चर्चा करने के बाद स्थानीय किसान नेता भी सभी के साथ दिल्ली के लिए कूच कर गए।
इसके अलावा छजलैट व कांठ के सैकड़ों किसान गुपचुप रूप से दिल्ली के लिए रवाना हो गए। हालांकि तमाम किसानों को अमरोहा जनपद में पुलिस-प्रशासन ने रोक लिया। काफी देर तक चले मान-मनौव्वल के बाद रोके गए किसानों को अफसर समझाने में सफल रहें। वहीं छजलैट में भारतीय किसान यूनियन के पदाधिकारियों ने केंद्र सरकार की सद्बुद्धि के लिए पांच कुंडीय यज्ञ का आयोजन किया। किसान नेता ऋषिपाल सिंह ने कहा कि किसानों को रैली में शामिल होने से कोई नहीं रोक सकेगा। यज्ञ के आयोजन की सूचना मिलने पर जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह व एसएसपी प्रभाकर चौधरी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने काफी देर तक किसानों को समझाया, हालांकि उनके तल्ख तेवर अपने इरादे साफ जाहिर कर रहे थे।
पुलिस ने हाईवे पर बढ़ाई सतर्कता, भारी फोर्स तैनात
किसानों के आंदोलन को लेकर शनिवार को पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट हो गया। किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए जिले के साथ ही हाईवे पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। मूंढापांडे से पाकबड़ा तक हाईवे पर जगह-जगह पुलिस की तैनाती कर दी गई है। थाना पुलिस के अलावा करीब पांच सौ अतिरिक्त पुलिस कर्मी और दो कंपनी पीएसी के जवानों को लगाया गया है 22 दिसंबर को दिल्ली कूच कर रहे किसानों ने रामपुर-मुरादाबाद बार्डर पर पुलिस पर हमला बोल दिया। आक्रोशित किसानों ने एसएसपी मुरादाबाद प्रभाकर चौधरी व रामपुर एसपी शगुन गौतम पर भी हमला बोल दिया था। इसके बाद से हर आंदोलन पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के आदेश हैं। इसी के तहत शनिवार को सुरक्षा घेरा काफी सख्त कर दिया गया। किसान नेताओं की निगरानी बढ़ाने के साथ ही पांच सौ पुलिस कर्मी और दो कंपनी पीएसी की तैनाती कर दी गई। पुलिस कर्मियों को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि किसानों को समझा-बुझाकर दिल्ली जाने से रोका जाए। हालांकि अगर किसान जिद् पर अड़ जाएं तो उनको आगे जाने की इजाजत दे दी जाए।
कैमरों से भी हो रही निगरानी
मुरादाबाद। सुरक्षा का घेरा सख्त करने के बाद दिल्ली कूच करने वाले किसानों की निगरानी सीसीटीवी व वीडियो कैमरों से भी की जा रही है। इसी के तहत शनिवार को मूंढापांडे, कांठ रोड, पाकबड़ा और कटघर क्षेत्र में पुलिस हाईवे पर गुजरने वाले वाहनों की वीडियोग्राफी कराई, ताकि किसानों की आड़ में कोई शरारती तत्व दिल्ली न जा सके। इसके अलावा काशीपुर व ठाकुरद्वारा बार्डर पर भी वीडियोग्राफी कराई गई। इसके अलावा शनिवार को एसपी सिटी अमित कुमार आनंद ने कई ड्यूटी प्वाइंट चेक किए। उन्होंने नानकबाड़ी, काशीपुर तिराहा और टोल पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था चेक की और पुलिस कर्मियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि किसानों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर सुरक्षा का प्लान तैयार कर लिया गया है। सभी थानेदारों के अलावा सीओ को आदेशित किया गया है वह किसानों को समझा-बुझाकर वापस भेजे। हाईवे पर जगह-जगह पुलिस का पहरा बैठा दिया गया है। आंदोलन की आड़ में हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
