बरेली: रिछा राइस मिल में पकड़ी तीन करोड़ की बिजली चोरी
अमृत विचार,रिछा/बरेली। बिजली विभाग को चूना लगाकर एक राइस मिल करोड़ों रुपये की बिजली चोरी कर रही थी। इसके बाद विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम लगातार राइस मिल की रेकी कर उसे रंगे हाथ पकड़ने की फिराक में थी। सटीक सूचना पर टीम ने बिजली राइस मिल पर छापा मारकर मौके से करोड़ों रुपय …
अमृत विचार,रिछा/बरेली। बिजली विभाग को चूना लगाकर एक राइस मिल करोड़ों रुपये की बिजली चोरी कर रही थी। इसके बाद विजिलेंस और बिजली विभाग की टीम लगातार राइस मिल की रेकी कर उसे रंगे हाथ पकड़ने की फिराक में थी। सटीक सूचना पर टीम ने बिजली राइस मिल पर छापा मारकर मौके से करोड़ों रुपय की बिजली चोरी पकड़ ली, जिसमें पाया गया कि मिल में चोरी से बिजली जलाई जा रही थी, जिस पर टीम ने राइस मिल पर करीब तीन करोड़ का जुर्माना लगाया है। इस मामले में विजिलेंस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर अधिकारियों ने मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
शहर से लेकर देहात तक धड़ल्ले से बिजली चोरी हो रही है, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते बिजली विभाग को राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। बहेड़ी क्षेत्र के रिछा में बिस्मिल्लाह राइस मिल में लंबे समय से खपत से कम बिजली बिल आ रहा था। कई बार क्षेत्र के लोगों ने राइस मिल में चोरी की शिकायत भी दर्ज कराई। इसको लेकर पिछले दो महीने से राइस मिल पर नजर रखी जा रही थी। मीटर की एमआरआई के दौरान दिन में कई घंटो के लिये रीडिंग शून्य पाई गई। इसको लेकर भी शक पुख्ता हुआ।
मिल पर छापे के लिये अधीक्षण अभियंता तारिक जलील ने बुधवार देर शाम को ही अधिकारियों के साथ बैठक कर छापे की कार्ययोजना बनाई। छापे की सूचना लीक न हो इसलिए बहेड़ी के अधिकारियों को भी मामले से दूर रखा गया। गुरुवार दोपहर में दल-बल के साथ अधिकारियों ने राइस मिल पर छापा मारा।
इस दौरान केबिल की जांच होने पर कहीं कट नहीं मिला लेकिन पोटेंशियल ट्रांसफॉर्मर की जांच के दौरान उसमें डिवाइस लगी पाई गई। इस डिवाइस के जरिए मीटर रीडिंग को नियंत्रित किया जा रहा था। अधिकारियों को 260 केवीए लोड के कनेक्शन पर करोड़ों की बिजली चोरी का अनुमान है। प्राथमिक जांच में 2.5 से तीन करोड़ के जुर्माने का आकलन है। बताया जा रहा है कि बिजली विभाग द्वारा अब तक की सबसे बड़ी बिजली चोरी बताई जा रही है।
दो माह से की जा रही थी निगरानी
क्षेत्र के लोगों ने बिजली विभाग के अधिकारियों को कई बार मिल में बिजली चोरी की सूचना दी थी। इसके बाद से ही करीब दो महीने से टीम बहेड़ी इलाके में बिजली चोरी पर नजर रख रही थी। विजिलेंस और बिजली विभाग ने अपनी छापेमारी की सूचना को पूरी तरह से गुप्त रखा था। राइस मिल का 260 किलोवाट का बिजली कनेक्शन था। जिसके मीटर के पास सीटी में एक चिप लगाकर मीटर बंद कर दिया जाता था और डायरेक्ट बिजली सप्लाई होती थी।
शहर में भी चलेगा अभियान
26 जनवरी के मौके पर शहर में आए ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने अधिकारियों के जमकर पेच कसे थे। उसके बाद से ही अधिकारी बिजली चोरी रोकने के लिए अलर्ट हो गए हैं। बिजली अफसरों के अनुसार उप्र कॉरपोरेशन की ओर से राजस्व लाभ के चलते व्यापक रुप से अभियान चलाकर बिजली चोरों पर शिकंजा कसने के आदेश दिए हैं। जिसके अनुपालन में शहर में कई इलाकों पर छापेमारी की जाएगी, जिसकी कार्य योजना तैयार कर ली गई है।
करोड़ों के खेल में कही बिजली कर्मचारियों की मिलीभगत तो नहीं
सवाल यह उठता है कि मीटर में डिवाइस किसने लगाई और आज तक स्थानीय विद्युत कर्मचारी जो रिछा बिजली घर पर तैनात है वह इस मामले को क्यो नही पकङ पाए। जबकि हर माह मीटर से रीडिंग लेकर बिल दिया जाता है तो इस मामले को आज तक क्यों नहीं पकड़ा गया। यह भी जांच का एक बिंदु है। जाहिर सी बात है कि अगर राइस मिल मालिक दोषी है तो बिजली विभाग की भी जांच होनी चाहिए। इस मामले में जब राइस मिल मालिक से फोन से वार्ता करनी चाही तो बात नही हो पाई।
बहेड़ी क्षेत्र में राइस मिल से करीब तीन करोड़ रुपये की बिजली चोरी पकड़ी गई है। चिप लगाकर चोरी की जा रही थी। मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर मामले की जांच की जा रही है। -तारिक मतीन, मुख्य अभियंता
