मुरादाबाद: लाइन हाजिर व निलंबन पर भी पुलिस के रवैये में सुधार नहीं
मुरादाबाद, अमृत विचार। एक तरफ शासन और अफसरों की सख्ती तो दूसरी ओर पुलिसकर्मियों का लापरवाही भरा रवैया। यह रवैया ऐसा कि जिसने उनके कैरेक्टर रोल पर भी धब्बा लगा दिया। वहीं विभागीय अफसरों द्वारा दी गई सजा को भी भुगतना पड़ा, किसी ने रायफल लेकर परेड ग्राउंड के चक्कर काटे तो किसी का वेतन …
मुरादाबाद, अमृत विचार। एक तरफ शासन और अफसरों की सख्ती तो दूसरी ओर पुलिसकर्मियों का लापरवाही भरा रवैया। यह रवैया ऐसा कि जिसने उनके कैरेक्टर रोल पर भी धब्बा लगा दिया। वहीं विभागीय अफसरों द्वारा दी गई सजा को भी भुगतना पड़ा, किसी ने रायफल लेकर परेड ग्राउंड के चक्कर काटे तो किसी का वेतन काट दिया गया।
हैरानी वाली बात यह है कि इस सजा के बाद भी खाकी वालों ने अपना रवैया नहीं सुधारा तो उनको निलंबित कर दिया गया। हम बात कर रहे हैं पुलिसकर्मियों द्वारा लापरवाही बरतने पर एसएसपी की कोर्ट में मिलने वाली सजा की। यह ऐसी कोर्ट है, जिसमें सजा पाने वाला पुलिसकर्मी किसी भी कोर्ट में अपने बचाव में अपील नहीं कर सकता है।
पुलिसकर्मियों पर समय-समय पर गंभीर आरोप लगते रहते हैं। कभी वह फरियादियों के साथ अभद्रता करते हैं तो कभी कार्रवाई के नाम पर रिश्वत लेते हैं। इतना ही नहीं माफियाओं के साथ भी पुलिस की मिलीभगत के किस्से अक्सर सामने आते हैं। ऐसा नहीं है कि ऐसे लापरवाह पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं होती। लाइन हाजिर करने के साथ ही निलंबन तक की कार्रवाई के बाद भी वह अपना रवैया नहीं सुधार रहे हैं।
मुखिया के आदेशों की भी कर देते हैं अनदेखी
गंभीर मामलों पर कार्रवाई के साथ ही कुछ ऐसे विभागीय मामले होते हैं, जिसमें भी पुलिसकर्मी फंस जाते हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों को सजा देने के लिए पहले विभागीय अफसर कार्रवाई करते हैं। आपको बताते चलें कि विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस लाइन में एक कोर्ट लगती है। अमूमन हर शुक्रवार को होने वाली परेड के बाद इस कोर्ट में आरोपी पुलिसकर्मी पेश होते हैं। जज बने एसएसपी पूरा मामला सुनने के बाद सजा सुनाते हैं।
एक साल में 115 खाकी वालों को मिली सजा
एक साल में पुलिस लाइन स्थित कोर्ट में करीब 115 पुलिसकर्मियों को सजा सुनाई गई है। किसी ने शराब पीकर साथियों से अभद्रता की तो कोई बिना बताए गैर हाजिर हो गया। अफसरों के आदेश की अवहेलना करने में भी पुलिसकर्मी पीछे नहीं रहे। ऐसे पुलिस कर्मियों को रायफल लेकर परेड ग्राउंड के चक्कर लगाने के साथ ही वेतन काटने की संस्तुति की गई है। इसके बाद भी लापरवाही बरतने पर 17 पुलिसकर्मियों को निलंबित भी किया गया है।
आदेश कक्ष में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की जाती है। चक्कर लगाने के साथ ही वेतन भी काटा जाता है। गंभीर मामला होने पर 14 दिन की जेल तक का प्रावधान है। परेड के बाद नियमित इस कोर्ट में सुनवाई होती है।- प्रभाकर चौधरी, एसएसपी
