बजट ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लिए, अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती: राजनाथ
नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह ”आत्मनिर्भर भारत” के लिए है और इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सत्ताधारी भाजपा के कई अन्य नेताओं ने पूंजीगत व्यय, वरिष्ठ नागरिकों …
नई दिल्ली। वरिष्ठ भाजपा नेता और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किए गए आम बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह ”आत्मनिर्भर भारत” के लिए है और इससे अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। सत्ताधारी भाजपा के कई अन्य नेताओं ने पूंजीगत व्यय, वरिष्ठ नागरिकों (75 वर्ष के ऊपर) को कर में छूट और स्टार्ट अप्स में प्रोत्साहन राशि दिए जाने सहित कुछ अन्य घोषणाओं का स्वागत करते हुए आम बजट की सराहना की।
भाजपा महासचिव भूपेंद्र यादव ने कहा कि इस बजट से भारत के अवसंरचना, कृषि और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बहुत मजबूती मिलेगी। पार्टी के प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह सभी के लिए घर पर जोर देता है। उन्होंने कहा कि समाज के विभिन्न वर्गों की जरूरतों के हिसाब से यह बजट संवेदनशील है।
भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए योजनाबद्ध तरीके से एक रूपरेखा प्रस्तुत की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ”भविष्य को देखकर बजट तैयार किया गया है। यह पांच हजार अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था के सरकार के वादे की दिशा में है। और भी कई अच्छी बाते हैं जिनमें अवसंरचना, कृषि और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सरकार द्वारा अपना खर्च बढ़ाया जाना शामिल है। वंचितों के सुरक्षा का दायरा बढ़ाया गया है और निजी निवेश के मौके भी बढ़ाए गए हैं।”
स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश को बढ़ाकर 137 प्रतिशत किया गया, बड़ी उपलब्धि: हर्षवर्धन
केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने संसद में सोमवार को पेश किए बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए प्रावधानों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में निवेश को बढ़ाकर 137 प्रतिशत कर दिया गया है जो पिछले वर्ष के बजट अनुमानों से 2.47 गुना अधिक है। हर्षवर्धन ने कहा कि यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं में बुनियादी ढांचे में निवेश करने से स्थिरता आयेगी। इसके लिए बचाव, निदान और देखभाल पर जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीन कार्यक्रम पर 35400 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान किया गया है।
बजट प्रस्तावों से मजबूत होगी शिक्षा प्रणाली: निशंक
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश 2021-21 के बजट की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह बजट पूरे देश के विकास को ध्यान में रख कर तैयार किया गया है और इसके प्रावधान, खासकर देश की संपूर्ण शिक्षा प्रणाली को मजबूत करेगा। डॉ. निशंक ने कहा कि बजट में की गई घोषणाएं जैसे- 15000 आदर्श विद्यालय बनाने, नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के लिए 50 हज़ार करोड़ आवंटन, एनजीओ और निजी स्कूलों के मिलकर 100 नए सैनिक स्कूल खोले जाने, एकलव्य विद्यालयों की स्थापना, लेह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापन, इत्यादि सभी देश की शिक्षा तंत्र को भविष्य के लिए तैयार करेंगी।
उन्होंने कहा कि आदर्श विद्यालय योजना का उद्देश्य प्रत्येक ब्लॉक में एक प्राथमिक और एक प्रारंभिक विद्यालय और प्रत्येक जिले में एक माध्यमिक और एक वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तैयार करना होगा, जो एक सुरक्षित शिक्षा का वातावरण जहां शिक्षा के अनुभवों की एक विस्तृत श्रृंखला की पेशकश की जाती है, और जहां शिक्षा के लिए अनुकूल, अच्छे बुनियादी ढाँचे और उपयुक्त संसाधन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की दृष्टि से अच्छी गुणवत्ता की शिक्षा उपलब्ध कराने, सभी के लिए सुलभ और सस्ती बनाने के लिए समग्र शिक्षा योजना के तहत आदर्श विद्यालय योजना, केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय में उत्कृष्ट विद्यालय शुरू करने का प्रस्ताव है।
केन्द्रीय बजट स्वागतयोग्य है: नीतीश कुमार
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केन्द्रीय बजट पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये सोमवार को कहा कि कोविड-19 महामारी और राजस्व संग्रहण में दिक्कतों के बावजूद केन्द्र सरकार द्वारा संतुलित बजट पेश किया गया, यह स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा, ”मैं एक संतुलित बजट प्रस्तुत करने के लिये केन्द्र सरकार को बधाई देता हूं।” आम बजट (वर्ष 2021-22) के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021-22 के लिये 34.8 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया है, जो वर्ष 2020-21 के अनुमानित बजटीय खर्च 30.42 लाख करोड़ रूपये से अधिक है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में 41 प्रतिशत राशि राज्य सरकारों को दी जायेगी।
