बरेली: शहर में किसी जगह जा रहे हैं तो पहले पढ़ें इस खबर को, नहीं होगी परेशानी
अमृत विचार, बरेली। अगर आपको ट्रेन से यात्रा करने के लिए जंक्शन जाना हो, आफिस जाना हो या किसी परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना हो तो घर से निर्धारित समय से घंटों पहले निकलना होगा। अगर ऐसा करने से चूक गए तो आप जाम और फेरे में फंस कर रह जाएंगे और परीक्षा व …
अमृत विचार, बरेली। अगर आपको ट्रेन से यात्रा करने के लिए जंक्शन जाना हो, आफिस जाना हो या किसी परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचना हो तो घर से निर्धारित समय से घंटों पहले निकलना होगा। अगर ऐसा करने से चूक गए तो आप जाम और फेरे में फंस कर रह जाएंगे और परीक्षा व ट्रेन छूट जाएगी।
आफिस के लिए देर अलग से हो जाएगी। इसकी वजह शहर में जगह-जगह बेतरतीब ढंग से खोदी गई सड़कें हैं। कहीं न कहीं प्रोजेक्ट तैयार करते समय चूक हुई है। इसकी वजह से करीब दो साल से लोगों को इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदार अफसर हाथ पर हाथ रखे बैठे हुए हैं।
शहर के मुख्य मार्ग पर हुए ब्लाक ने लोगों की दुश्वारियां बढ़ा दी हैं। अमृत योजना के तहत सीवर ट्रंक लाइन का कार्य किया जा रहा है। शहर में करीब 13 किमी मेन ट्रंक सीवर लाइन और 700 किमी गली, मोहल्लों में ब्रांच लाइन डाली जानी है। करीब दो साल से मेन ट्रंक सीवर लाइन का कार्य चल रहा है। अभी तक करीब 6 किमी कार्य ही हो पाया है।
शहर के लिए सीवर कार्य तो जरूरी है लेकिन अफसरों की लेटलतीफ और मनमाानी कार्यशैली से शहरवासियों के सामने बड़ी दिक्कतें खड़ी हो गईं। सबसे गंभीर बात तो यह है कि कार्यदायी संस्था जब चाहे, जहां चाहे सड़कों को खोद रही है। मानकों की अनदेखी कर हो रहे कार्य की वजह से लोगों का राह चलना भी दूभर हो गया है।
मनमानी खुदाई और ब्लाक से लग रहा जाम
शहर के दामोदर स्वरूप पार्क से बटालियन गेट तक ट्रंक सीवर लाइन का कार्य किया जा रहा है। इसमें मनमाने तरीके से कार्य करना लोगों के लिए भारी पड़ने लगा है। दामोदर स्वरूप पार्क से चौकी चौराहे तक कार्य करने के बाद गड्ढों को जैसे-तैसे भरकर छोड़ दिया गया है। कुछ समय के लिए यहां बैरियर लगा दिया गया था। इसके बाद लोक निर्माण विभाग के सामने की सड़क खोदने का कार्य किया गया है। एक लेन बंद और दूसरी सड़क गड्ढे में तब्दील होने से आवागमन बंद हो चुका है। यहां आए दिन जाम लग रहा है। इसके बाद प्रभा टाकिज के पास छोड़ कर गांधी उद्यान के गेट के पास से सीवर का कार्य बुधवार को शुरू किया गया। यहां बैरियर लगा कर बियावानी कोठी तक रास्ता बंद कर दिया गया है। अगर किसी व्यक्ति को जंक्शन तक जाना हो तो उसे कैंट के रास्ते घूमकर गांधी उद्यान पहुंचना पड़ रहा है जबकि जंक्शन से सेटेलाइट को जाने वाले लोगों को श्यामगंज बाजार के रास्ते जाना पड़ रहा है। इस वजह से दो सड़कों पर वाहनों की कतार दिनभर देखने को मिल रही है। ओवरब्रिज श्यामगंज, खुर्रम गौटिया, कैंट की सड़क पर जाम लग जा रहा है।
इन इलाकों में सबसे अधिक दिक्कत
शहर की कई सड़कें र सीवर कार्य की वजह से गड्ढे में तब्दील हो चुकी हैं। मालियों की पुलिया से सीवर का कार्य होने से सबसे पहले श्यामगंज तक की सड़क को खोदा गया। इसके बाद श्यामगंज के पास छोड़कर कालीबाड़ी रोड को खोदा गया। यहां भी करीब पांच सौ मीटर कार्य करने के बाद बरेली कालेज गेट पर सीवर लाइन कार्य शुरू हुआ। जैसे-तैसे सड़क का गड्ढा पाट दिया गया और कच्चे मार्ग से लोगों को गुजरना पड़ रहा है। निगम गेट के पास एक लेन सड़क पर सीवर डालने के बाद पटेल चौक से आगे चौपुला मार्ग पर सीवर लाइन डाली गई। इसकी वजह से अब यह सड़क कच्चे मार्ग में तब्दील हो चुका है। इन सभी के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कोई सही कार्य योजना बनाने में असफल रहे। अगर सही योजना के तहत कार्य होता तो लोगों को इन परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
सीवर लाइन के कार्य की वजह से सड़कों को खोदना जरूरी है। सिविल लाइन पर दिन-रात कार्य हो रहा है ताकि लोगों की दिक्कतों को जल्द से जल्द समाप्त किया जा सके। कार्य होने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। सुरक्षा को देखते बैरियर लगाकर रूट में बदलाव किया गया है। -संजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जल निगम
