बजट को लेकर राहुल गांधी का मोदी सरकार पर तंज, कहा- सैनिकों के साथ हुआ विश्वासघात
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर बजट को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा है कि इस बजट में सिर्फ पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने का काम हुआ है और देश की रक्षा में जुटे सैनिकों के साथ विश्वासघात किया गया है। …
नई दिल्ली। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर बजट को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है। राहुल गांधी ने कहा है कि इस बजट में सिर्फ पूंजीपति मित्रों को लाभ पहुंचाने का काम हुआ है और देश की रक्षा में जुटे सैनिकों के साथ विश्वासघात किया गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि बजट पूरी तरह से सरकार के मित्र पूंजीपतियों पर केंद्रित है और इसमें सीमा पर दुश्मन से जूझ रहे सैनिकों के हित में कुछ नहीं है। गांधी ने ट्वीट किया, “मोदी के ‘मित्र’ केंद्रित बजट का मतलब है- विषम परिस्थितियों में चीन से जूझ रहे जवानों को सहायता नहीं। देश की रक्षा करने वालों के साथ विश्वासघात।”
Modi’s crony centric budget means-
Jawans facing Chinese aggression in extreme conditions will get no support.
India’s defenders betrayed.
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 5, 2021
राहुल गांधी ने ट्वीट किया था, “प्रधानमंत्री मोदी का पूंजीपति केंद्रित बजट का मतलब यह है कि संघर्ष कर रहे एमएसएमई को कम ब्याज पर कर्ज नहीं मिलेगा और जीएसटी में राहत भी नहीं दी जाएगी।”
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भारत में सबसे ज्यादा लोगों को रोजगार देने वाले क्षेत्र एमएसएमई के साथ विश्वासघात हुआ है। राहुल गांधी ने बुधवार को आम बजट को ‘एक फीसदी लोगों का बजट करार दिया था और सवाल किया था कि रक्षा खर्च में भारी-भरकम बढ़ोतरी नहीं करके देश का कौन सा भला किया गया और ऐसा करना कौन सी देशभक्ति है?
उन्होंने कहा था, ”हमारे जवानों की प्रतिबद्धता 100 फीसदी है और ऐसे में सरकार की प्रतिबद्धता भी 110 फीसदी होनी चाहिए। जो भी हमारे जवानों को चाहिए, वो उन्हें मिलना चाहिए। ये कौन सी देशभक्ति है कि सेना को पैसे नहीं दिए जा रहे हैं।”
आपको बता दे कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा सोमवार को संसद में पेश किए गए आम बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए 4.78 लाख करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया है जिसमें पेंशन के भुगतान का परिव्यय भी शामिल है। पिछले साल यह राशि 4.71 लाख करोड़ रुपये थी।
