बरेली: चंद्रपुर बिचपुरी में तनाव समाप्त, बन गई मजार
अमृत विचार, बरेली। रामगंगा नगर आवासीय योजना क्षेत्र के चंद्रपुर बिचपुरी में मजार की भूमि का करीब एक माह से चले आ रहे विवाद का शनिवार को पटाक्षेप हो गया। जमात-रला-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां और बीडीए के वीसी की सहमति से चंद्रपुर में पुरानी जगह पर ही मजार का निर्माण किया गया है। …
अमृत विचार, बरेली। रामगंगा नगर आवासीय योजना क्षेत्र के चंद्रपुर बिचपुरी में मजार की भूमि का करीब एक माह से चले आ रहे विवाद का शनिवार को पटाक्षेप हो गया। जमात-रला-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां और बीडीए के वीसी की सहमति से चंद्रपुर में पुरानी जगह पर ही मजार का निर्माण किया गया है।
दोपहर में मजार की नींव चंद्रपुर की नूरी मस्जिद के इमाम शारिक रजा ने जमात के प्रतिनिधि की मौजूदगी में रखी। फिर इमाम साहब ने फातिहाख्वानी की और सलातो सलाम पढ़कर जमात रजा-ए-मुस्तफा और गांव के लिए दुआ की। जमात के प्रतिनिधिमंडल ने मज़ार पर चादरपोशी और गुलपोशी की।
रामगंगा आवासीय योजना के तहत आने वाली जमीन पर बने दो धार्मिक स्थलों पर बीडीए ने पिछले माह 7 जनवरी को कार्रवाई की थी। एक मंदिर के गेट को तोड़ दिया था और एक मजार को ध्वस्त कर दिया था। इसे लेकर ग्रामीणों में काफी आक्रोश था। गुरुवार को बीडीए की टीम मलबा हटाने पहुंची तो टकराव की नौबत आ गई थी।
वहीं, बीते दिन जमात रजा-ए-मुस्तफा से जुड़े एक प्रतिनिधिमंडल ने बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह से मिलकर पूरे मामले को हल करने पर चर्चा की। दोपहर में बरेली विकास प्राधिकरण के अधिकारियों की मौजूदगी में दोबारा मजार का निर्माण कराया गया। धार्मिक स्थल की दोबारा तामीर पर काजिये हिंदुस्तान असजद मियां के दामाद फरमान मियां ने अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया है।
वहीं, रजा-ए-मुस्तफा के सदस्य और सपा नेता हैदर अली ने भी मजार की दोबारा तामीर पर खुशी जाहिर की। दरगाह आला हजरत के संगठन जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान मियां ने कहा कि अमन-ओ-अमान का पैगाम देते हुए मजार का निर्माण कराया गया। उन्होंने कहा कि बिचपुरी में मजार शरीफ अपनी जगह कायम हो गया।
पिछले काफी दिनों से चला आ रहा विवाद अब शांत हो गया। इसे रज़ा-ए-मुस्तफा के प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मौजूदगी में मजार का निर्माण कराया है। शुक्रवार को काजी-ए-हिन्दुस्तान के दामाद फरमान मियां की ओर से डा. मेहंदी हसन के नेतृत्व में जमात रजा-ए-मुस्तफा का प्रतिनिधि मंडल बीडीए के वीसी से मिला था। इसका परिणाम यह रहा कि गतिरोध दूर हो गया। इस दौरान जमात कोर कमेटी के शमीम अहमद, समरान खान, मोईन खान, डा. मेहंदी हसन, हैदर अली व गांव के लोगों ने बीडीए के अधिकारी दिनभर मौके पर मौजूद रहे।
