काशीपुर: बिजली बकायेदारों से ऊर्जा निगम ने वसूले 40 करोड़
काशीपुर, अमृत विचार। ऊर्जा निगम ने बकाया वसूली, बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और लाइन लॉस कम करने के लिए कमर कस ली है। निगम पिछले माह 41 में से 40 करोड़ का बकाया वसूल चुकी है।मुख्यालय ने विद्युत वितरण खंड काशीपुर को जनवरी में 41 करोड़ बकाया वसूली का लक्ष्य दिया था। जिसमें से …
काशीपुर, अमृत विचार। ऊर्जा निगम ने बकाया वसूली, बिजली चोरी पर अंकुश लगाने और लाइन लॉस कम करने के लिए कमर कस ली है। निगम पिछले माह 41 में से 40 करोड़ का बकाया वसूल चुकी है।मुख्यालय ने विद्युत वितरण खंड काशीपुर को जनवरी में 41 करोड़ बकाया वसूली का लक्ष्य दिया था। जिसमें से खंड 40 करोड़ की वसूली कर चुका है।
फरवरी में निगम को 46 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। खंड के उच्चाधिकारियों की ओर से एसडीओ, जेई को भी लक्ष्य थमा दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी दिन रात लक्ष्य हासिल करने के लिए भरसक प्रयास में जुटे हैं। बिजली का बकाया जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन का भी सहयोग लिया जा रहा है। निगम की ओर से ऐसे उपभोक्ता जो अभी पूरा बिल एक साथ जमा करने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें किस्तों में बिल जमा करने की राहत दी गई है।
तीन दिनों से डेरा डाले हुए है विजिलेंस
काशीपुर। तीन दिनों से विजिलेंस टीम काशीपुर में डेरा डाले हुए हैं। टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से गोपनीय तरीके से कुंडेश्वरी क्षेत्र में छापा मारा है। दो दिनों में ढकिया नंबर एक, कुंडेश्वरी, हिम्मतपुर में मीटर से पहले कट लगाकर और लाइन से सीधे कटिया डालकर बिजली चोरी करते 17 से अधिक उपभोक्ताओं को पकड़ चुकी है। जिनके खिलाफ तहरीर दी जा चुकी है। साथ ही लाइन लॉस कम करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
बकाएदारों को नोटिस भेजकर किया गया आगाह
काशीपुर। ऊर्जा निगम नोटिस भेजकर बकाएदारों को आगाह कर रहा है। प्रथम चरण में 1 लाख से 10 लाख तक के बकाएदार, द्वितीय चरण में 50 हजार से अधिक, तीसरे चरण में 20 से अधिक के बकाएदारों को नोटिस भेजे हैं। प्रति माह बकाएदारों को 100 नोटिस भेजे जा रहे हैं।
दो दिनों में विजिलेंस टीम 17 लोगों को बिजली चोरी करते पकड़ चुकी है। पिछले महीने 41 में से 40 करोड़ बकाया वसूल कर चुके हैं। इस महीने 46 करोड़ का लक्ष्य मिला है। जिसे पूरा करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष का नाम शायद गलती जुड़ गया है। जिसकी जांच कराई जा रही है।
-अनिल कुमार वर्मा, अधिशासी अभियंता, ऊर्जा निगम काशीपुर
