मुरादाबाद: ईंट-भट्ठे के दो साझेदारों के विवाद में लटक गई मजदूरों की दिहाड़ी, एसएसपी को सौंपा शिकायती पत्र

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मुरादाबाद,अमृत विचार। ईंट-भट्ठे के दो साझेदारों के बीच चल रहे विवाद में मजदूरों की दिहाड़ी फंस गई है। नए साझेदार ने जबरन भट्ठे पर कब्जा कर लिया और वहां पर तैनात मजदूरों को मारपीट कर निकाल दिया। मजदूरों ने जब अपना मेहनताना मांगा तो सभी को धमकाया। विवाद के बीच नया साझीदार गुपचुप तरीके से …

मुरादाबाद,अमृत विचार। ईंट-भट्ठे के दो साझेदारों के बीच चल रहे विवाद में मजदूरों की दिहाड़ी फंस गई है। नए साझेदार ने जबरन भट्ठे पर कब्जा कर लिया और वहां पर तैनात मजदूरों को मारपीट कर निकाल दिया। मजदूरों ने जब अपना मेहनताना मांगा तो सभी को धमकाया। विवाद के बीच नया साझीदार गुपचुप तरीके से भट्ठे में रखी ईटों को बेच रहा है। जानकारी होने पर कई मजदूरों ने कार्रवाई के लिए एसएसपी को पत्र दिया। उन्होंने कांठ पुलिस को जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

कांठ थाना क्षेत्र के मोहल्ला फकीरगंज निवासी सोनू, कमल, हरी सिंह, मेहताब, मेघराज और फूल सिंह समेत कई मजदूरों ने एसएसपी को शिकायती प्रार्थना पत्र दिया। उनका कहना था कि वह लोग ग्राम बड़ादा वीरान स्थित आईएस ब्रिक फील्ड ईट-भट्ठे में करीब दो साल से मजदूरी करते थे। लाकडाउन के दौरान घाटा हो गया तो मालिक इरशाद अहमद ने मुकर्रम अली व उसके बेटे अमन को भट्ठे में साझेदार बना दिया।

बाद में दोनों पार्टनर के बीच रुपयों को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि मुकर्रम अली व उसके बेटे अमन ने मारपीट कर पहले मालिक इरशाद अहमद को भगा दिया और भट्ठे पर कब्जा कर लिया। इतना ही नहीं सभी मजदूरों को घाटे का हवाला देते हुए निकाल दिया। जिस पर सभी ने अपनी दिहाड़ी मांगी तो पिता-पुत्र झगड़ा करने लगे।

मजदूरों के अनुसार करीब दस लाख रुपये भट्ठा स्वामी पर बकाया है। उनका कहना था कि भट्ठे में करीब चार लाख से अधिक ईट है। अब पिता-पुत्र खामोशी से ईट निकालकर बेच रहे हैं लेकिन दिहाड़ी नहीं दे रहे हैं। उनका कहना था कि पैसे न मिलने के कारण वह लोग भुखमरी की कगार पर पहुंच गए हैं। एसएसपी ने कांठ पुलिस को मामले की जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

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