हल्द्वानी: परिवहन विभाग मतलब आमदनी अठन्नी खर्चा रुपइया !

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प्रशांत पांडे, हल्द्वानी। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम द्वारा अनुबंधित बसों के संचालन में तेजी लाई जा रही है। उम्मीद यह थी की इन बसों के चलाने से निगम के आय अच्छी वृद्धि होगी लेकिन फलस्वरुप बसों पर लगने वाली लागत के बराबर भी आमदनी नही हो पा रही है। …

प्रशांत पांडे, हल्द्वानी। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम द्वारा अनुबंधित बसों के संचालन में तेजी लाई जा रही है। उम्मीद यह थी की इन बसों के चलाने से निगम के आय अच्छी वृद्धि होगी लेकिन फलस्वरुप बसों पर लगने वाली लागत के बराबर भी आमदनी नही हो पा रही है।

हल्द्वानी डिपो द्वारा एक दर्जन से ज्यादा बसों को अलग – अलग रुटों पर चलाया जा रहा है।
निगम द्वारा यहां से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, अमृतसर आदि जगहों तक के लिए कुल14 बसों का अनुबंध किया गया है। इनमें से दो बसें दिल्ली के लिए संचालित होती हैं। विभागीय सूत्रों के मुताबिक दिल्ली जाने वाली बसों को रोजाना यात्रा के लिए 146 लीटर डीजल ईंधन उपलब्ध कराया जाता है। वहीं इन बसों का विभागीय राजस्व में योगदान की बात करें तों औसतन पांच से छह हजार तक की ही आमदनी हो रही है।

अनुबंधित बसों की नही हो रही मॉनिटरिंग
विभागीय शिथिलता के चलते हल्द्वानी रोडवेज बस स्टेशन से आनेजाने वाली अनुबंधित बसों की मॉनिटरिंग नही हो पा रही है। बसों के आने जाने का ब्योरा तैयार नही कराया जाता, जबकि निगम के अंर्तगत संचालित सभी बसों को निर्धारित समायानुसार संचालित किया जाता है। इन बसों का बाकायदा कर्मचारियों द्वारा मॉनिटरिंग की जाती है। सुत्रों की माने तो इन बसों के संचालन से आय में वृद्धि के बजाए नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

बाहरी जिलों के लिए अब नही चलती बसें
पूर्व में यहां से रोजाना लगभग दो दर्जन बसों का बाहरी राज्यों में जिलों के लिए होता था। एवज में बसों से बेहतर आमदनी भी होती थी। वर्तमान में यहां सिर्फ बरेली, मुरादाबाद, दिल्ली के लिए ही बसों का संचालन किया जा रहा है। जबकि इससे पूर्व यहां से शाहजहांपुर, पीलीभीत, मैनपुरी, इटावा, आगरा, लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर, रायबरेली, बहराइज आदि जगहों के लिए बसें चलती थी और विभाग को भी अच्छा मुनाफा होता था।

अनुबंधित बसों को चलाने का निर्णय शासन स्तर से किया गया है, बसों के आने जाने और इन पर व्यय खर्च के का हिसाब भी चेक किया जाता है। सभी कर्मचारियों को लक्ष्य पूर्ती के लिए निर्देश जारी कर दिया गया है।

  • सुरेंद्र सिंह बिष्ट, क्षेत्रिय महाप्रबंधक, हल्द्वानी डिपो

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