बहुआयामी सम्पर्क व्यवस्था से असम में पर्यटन और व्यापार बढ़ेगा: मोदी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि असम को बहुआयामी सम्पर्क व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बढावा मिलेगा तथा लोगों में समृद्धि आयेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी के आसपास जल परिवहन सेवा की शुरुआत, धुबरी फूलबाड़ी पुल के शिलान्यास तथा माजुली पुल का भूमि …

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि असम को बहुआयामी सम्पर्क व्यवस्था से जोड़ा जा रहा है जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को बढावा मिलेगा तथा लोगों में समृद्धि आयेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने गुवाहाटी के आसपास जल परिवहन सेवा की शुरुआत, धुबरी फूलबाड़ी पुल के शिलान्यास तथा माजुली पुल का भूमि पूजन किया।

प्रधानमंत्री ने आयोजित सभा को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए कहा कि ब्रह्मपुत्र नदी में सम्पर्क मार्ग का जितना काम होना चाहिये था वह नहीं हुआ। अब इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। केन्द्र और राज्य सरकार ने इस क्षेत्र में भौगोलिक और सांस्कृतिक दूरी को कम करने का प्रयास किया है।

उन्होंने कहा कि अब असम का विकास प्राथमिकता में भी है और इसके लिए दिन रात प्रयास भी हो रहे हैं। बीते पांच वर्षों में असम की मल्टी मॉडल कनेक्टिविटी को फिर से स्थापित करने के लिए एक के बाद एक कदम उठाए गए हैं। गुलामी के कालखंड में भी असम देश के सम्पन्न और अधिक राजस्व देने वाले राज्यों में से था। कनेक्टिविटी का नेटवर्क असम की समृद्धि का बड़ा कारण था। आजादी के बाद इस आधारभूत संरचना को आधुनिक बनाना जरूरी था लेकिन इन्हें अपने ही हाल पर छोड़ दिया गया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि असम वासियों की वर्षों पुरानी मांग आज पुल के भूमिपूजन के साथ ही पूरी होनी शुरू हो गई है। कालीबाड़ी घाट से जोरहाट को जोड़ने वाला आठ किलोमीटर का यह पुल मजूली के हजारों परिवारों की जीवन रेखा बनेगा। यह पुल लोगों के लिए सुविधा और संभावनाओं का सेतु बनने वाला है। श्री मोदी ने कहा कि ब्रह्मपुत्र और बराक सहित असम को अनेक नदियों की जो सौगात मिली है उसे समृद्ध करने के लिए आज महाबाहु ब्रह्मपुत्र कार्यक्रम शुरु किया गया है। यह कार्यक्रम ब्रह्मपुत्र के जल से इस पूरे क्षेत्र में वॉटर कनेक्टिविटी को सशक्त करेगा।

मोदी ने महाबाहु-ब्रह्मपुत्र के शुभारंभ के साथ नीमाटी-मजुली द्वीप, उत्तरी गुवाहाटी-दक्षिण गुवाहाटी और धुबरी-हाटसिंगिमारी के बीच रो-पैक्स पोत संचालन का उद्घाटन किया। जोगीघोपा में अंतर्देशीय जल परिवहन (आईडब्‍ल्‍यूटी) टर्मिनल के शिलान्यास और ब्रह्मपुत्र नदी पर विभिन्न पर्यटक जैटियों और ईज ऑफ डूइंग-बिजनेस के लिए डिजिटल समाधान का शुभारंभ किया।

रो-पैक्स सेवाओं से तटों के बीच संपर्क प्रदान करके यात्रा के समय को कम करने में मदद करेगी और इस प्रकार सड़क मार्ग से यात्रा की दूरी कम हो सकेगी। नेमाटी और मजुली के बीच रो-पैक्स परिचालन से वर्तमान में वाहनों द्वारा तय की जा रही 420 किलोमीटर की कुल दूरी कम होकर केवल 12 किलोमीटर रह जाएगी, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र के लघु उद्योगों पर काफी प्रभाव पड़ेगा। रो-पैक्स जहाज के शुरू होने से उत्तर और दक्षिण गुवाहाटी के बीच लगभग 40 किलोमीटर की दूरी केवल तीन किलोमीटर रह जाएगी।

कार्यक्रम में चार स्थानों नेमाटी, बिश्वनाथ घाट, पांडु और जोगीघोपा पर पर्यटन मंत्रालय की 9.41 करोड़ रुपये की सहायता से पर्यटक जेटी के निर्माण के लिए शिलान्यास भी किया गया। ये जेटी रिवर क्रूज़ टूरिज्म को बढ़ावा देंगी, स्थानीय रोजगार पैदा करेंगी और स्थानीय व्यापार में वृद्धि करेंगी। कार्यक्रम के तहत जोगीघोपा में एक स्थायी अंतर्देशीय जल परिवहन टर्मिनल भी बनाया जाएगा, जो जोगीघोपा में आने वाले मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक पार्क से भी जुड़ेगा।

यह टर्मिनल कोलकाता और हल्दिया की ओर सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर यातायात को कम करने में मदद करेगा। यह विभिन्न पूर्वोत्तर राज्यों जैसे मेघालय और त्रिपुरा और भूटान और बंगलादेश के लिए बाढ़ के मौसम के दौरान भी कार्गो के निर्बाध आवागमन की सुविधा प्रदान करेगा।

संबंधित समाचार