2022 में भाजपा की विदाई तय, मुख्यमंत्री कर रहे अन्नदाताओं का अपमान- अखिलेश यादव

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में सपा सदस्यों को लेकर दिये गये बयान को झूठा करार देते हुये कहा कि सपा सरकार के काम का श्रेय खुद लेने वाले योगी को बताना चाहिये कि उन्होने अब तक कितने थर्मल …

लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुक्रवार को विधानसभा में सपा सदस्यों को लेकर दिये गये बयान को झूठा करार देते हुये कहा कि सपा सरकार के काम का श्रेय खुद लेने वाले योगी को बताना चाहिये कि उन्होने अब तक कितने थर्मल 660 सुपर क्रिटिकल प्लांट लगाये हैं।

अखिलेश यादव ने शनिवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुये कहा कि सदन के पटल पर योगी की भाषा पर किसी को भी ऐतराज हो सकता है। वह सपा सदस्यों को कहते है कि चोरों को चांदनी रात अच्छी नहीं लगती, वे रात के अंधेरे में लूट करते है। वह योगी से पूछना चाहते हैं कि सपा की सरकार ने अपने कार्यकाल में थर्मल सुपर क्रिटिकल प्लांट लगाये थे। वह बतायें कि उन्होने अपनी सरकार में कितने ऐसे संयंत्रों की स्थापना की। कितनी ट्रांसमिशन लाइन बिछायी और कितने सब स्टेशन बनाये।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार के कार्यकाल में लगे बिजली संयंत्रों की बदौलत उत्तर प्रदेश में बिजली की बहुतायात है मगर जनता महंगी बिजली की मार झेल रही है। योगी सरकार निवेश की बात करती है मगर बिजली मंहगी होने से कभी प्रदेश में निवेश नहीं आ सकता। सपा ने अपनी सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के मामले में कभी समझौता नहीं किया। कभी अपने मंत्रियों पर लगे मुकदमे वापस नहीं लिये। योगी पता नहीं किस खेल की बात कर रहें हैं। वह बुलडोजर चलवा दो ठोक दो की भाषा बोलते है जो एक सीएम के मुंह से अच्छी नहीं लगती।

अखिलेश यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री किसान आंदोलन को दलालों को आंदोलन कह कर अन्नदाताओं को अपमान कर रहे हैं। वह सदन में झूठ बोलते हैं कि वह किसानो को उनकी उपज का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने की बात करते है जो सरासर गलत है। वह बतायें कि क्या वह धान का एमएसपी दिला पाये। आज भी किसान गन्ने के बकाया का इंतजार कर रहा है। भाजपा की सरकार में किसान बर्बाद हो गये है। सरकार चाहती है खेती किसानी पर चंद पूंजीपतियों को नियंत्रण हो जाये, इसके लिये किसान और गरीबों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की नयी इमारत, मेट्रो रेल, एक्सप्रेस वे सभी सपा सरकार की देन है और योगी सरकार उदघाटन का उदघाटन, शिलान्यास का शिलान्यास करने में व्यस्त है। मुख्यमंत्री ने अपने कर्मक्षेत्र गोरखपुर में मेट्रो रेल शुरू करने की बात की है मगर अब तक इस दिशा में कुछ काम नहीं हुआ है। लखनऊ में सपा के शासन में जहां तक मेट्रो बनी थी, आज भी वहीं तक का सफर मेट्रो रेल से हो पाता है।

पेट्रोल डीजल की बढती कीमतो पर उन्होने कहा कि सरकार न जाने इस पैसे को कहां लेकर जा रही है। घाटा और नाकामी को छिपाने के लिये जनता पर पेट्रोल डीजल पर लिये जाने वाले टैक्स का भार डाला गया है। डीजल पेट्रोल के साथ मंहगाई बढ जाती है। मध्यम गरीब किसान पर भार डाला है। जनता सोच रही है कि वह क्या बचाये और क्या खाये। सरकार तर्क देती है कि इससे देश बनेगा। इससे ज्यादा निराशा वाला तर्क नहीं हो सकता।

महंगाई, बेरोजगारी समेत कई समस्यायों का सामना कर रही उत्तर प्रदेश की जनता को चुनाव की तारीख का इंतजार है और 2022 में भाजपा की विदाई तय है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लैपटाप से चिढ़ है क्योंकि उन्हे लैपटाप चलाना नहीं आता जबकि सपा ने अपने कार्यकाल में लैपटाप बांटे जिसका फायदा छात्रों को लॉकडाउन के दौरान हुयी ऑनलाइन क्लासेज में मिला।

अखिलेश यादव ने मेधावर छात्र मिनिश को लैपटाप भेंट किया। कांस्य पदक विजेता मिनिश आईआईटी कानपुर में वायरलेस क्यूनिकेशन इंजीनियरिंग से एमटेक कर रहें हैं।

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