हल्द्वानी: नैनीताल जिले में बढ़ा महिलाओं के प्रति अपराध

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गौरव पांडेय, हल्द्वानी। नैनीताल जिले में महिला अपराधों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। खासकर संगीन अपराधों में बढ़ोत्तरी हुई है। पुलिस गुजरे तीन साल के भीतर 320 आरोपियों पर चार्जशीट लगा चुकी है। पुलिस में दर्ज केसों के गुजरे तीन वर्षो के तुलनात्मक आंकड़ें देखें तो महिला अपराध की तस्वीर साफ हो जाती है। …

गौरव पांडेय, हल्द्वानी। नैनीताल जिले में महिला अपराधों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। खासकर संगीन अपराधों में बढ़ोत्तरी हुई है। पुलिस गुजरे तीन साल के भीतर 320 आरोपियों पर चार्जशीट लगा चुकी है। पुलिस में दर्ज केसों के गुजरे तीन वर्षो के तुलनात्मक आंकड़ें देखें तो महिला अपराध की तस्वीर साफ हो जाती है। इन गुजरे वर्षो में महिला अपराध की रिपोर्टिग तेजी से बढ़ी है। कड़े कानूनों के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं हत्या, रेप, दहेज हत्या, आत्महत्या के लिए उकसाना, दहेज प्रताड़ना, छेड़छाड़ के अपराध की शिकार बन रही हैं। यहां यह तथ्य भी उल्लेखनीय है कि कानूनी पचड़ों से बचने, लोकलाज और अपराधी पक्ष के दबाव के चलते कई आपराधिक मामले पुलिस में दर्ज ही नहीं किए जाते। यह भी हाल तब है जब जिले के तमाम प्रशासनिक और निर्वाचित पदों पर महिलाएं आसीन हैं।

वर्ष अपराध की संख्या
2020 467
2019 333
2018 291

नौ एफआईआर पाई गई झूठी, 108 में नहीं मिले सबूत

हल्द्वानी। इन वर्षों में महिला अपराध के दुरुपयोग के मामले भी सामने आए। वर्ष 2020 में 467 महिला अपराध दर्ज किए गए। इनमें से नौ एफआईआर झूठी पाई गई। जबकि 108 मामलों में पुलिस को सबूत नहीं मिले। इसके चलते ये मामले ठंडे बस्ते में चले गए।

डेढ़ माह में 87 केस हुए दर्ज
हल्द्वानी। इस वर्ष 18 फरवरी तक जिले में 87 महिला अपराध दर्ज हो चुके हैं।

नैनीताल पुलिस महिला अपराधों के नियत्रंण और अन्वेषण के लिए तत्परता से काम कर रही है। इसके लिए बकायदा रणनीति बनाई है। पुलिस को इन मामलों में संवेदनशीलता और गंभीरता बरतने को कहा है। इसके लिए जनजागरुकता के साथ ही पुलिस को जनसहयोग की भी जरुरत है। अपराध का ग्राम बढ़ने का दूसरा पहलू हो सकता है कि अब महिलाएं खुलकर आवाज उठाने लगी हैं।
– प्रीति प्रियदर्शिनी, एसएसपी, नैनीताल

केवल कानून बना देने से बुराई का अंत नहीं हो सकता। महिलाओं के प्रति भेदभाव आम बात है। ख़ास तौर पर कन्या के प्रति उपेक्षा हमारे समाज में गहरे जड़ों तक धंसी है। तमाम कानूनों के बावजूद समाज में पुरुषों की श्रेष्ठता की गलत अवधारणा बरकरार है। आम जनता को महिलाओं के सम्मान के विरुद्ध भेदभाव रखने वाली प्रथाओं के उन्मूलन के लिए संवेदनशील होने की जरुरत है।
– बेला तोलिया, जिला पंचायत अध्यक्ष, नैनीताल

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