कुमाऊं के हर घर में भक्ति भाव से लिया जाता है काली कंबली वाले बाबा का नाम…

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हल्द्वानी, अमृत विचार। अष्ट सिद्धियां प्राप्त करने वाले नीब करौली बाबा, जिन्हें भगवान हनुमान का अवतार समझा जाता है। कुमाऊं क्षेत्र में आज भी उनकी महिमा का गुणगान किया जाता है। यहां आप ज्यादातर हर घर में बाबा की तस्वीर और उनमें बसी भक्तों की श्रद्धा को देख सकते हैं। उनके भक्तों की आज भी उनमें …

हल्द्वानी, अमृत विचार। अष्ट सिद्धियां प्राप्त करने वाले नीब करौली बाबा, जिन्हें भगवान हनुमान का अवतार समझा जाता है। कुमाऊं क्षेत्र में आज भी उनकी महिमा का गुणगान किया जाता है। यहां आप ज्यादातर हर घर में बाबा की तस्वीर और उनमें बसी भक्तों की श्रद्धा को देख सकते हैं। उनके भक्तों की आज भी उनमें अपार श्रद्धा है, ऐसा माना जाता है बाबा हर मुसीबत से बचाते हैं और अपने चाहने वालों की हर मनोकामना पूरी करते हैं।

नैनीताल से करीब 17 किमी और भवाली से नौ किमी दूर स्थित कैंचीधाम को बाबा की कर्मभूमि व ध्यान केंद्र के रूप में जाना जाता है। यहां बाबा की महिमा के साक्षात दर्शन किए जा सकते हैं। यहां आज भी देश-विदेश से श्रद्धालु बाबा की शेष स्मृतियों के दर्शन करने आते हैं। उनके भक्तों की लिस्ट में एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स, फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग और गूगल के संस्थापक लैरी पेज जैसी प्रमुख हस्तियां भी शामिल हैं।  हॉलीवुड की मशहूर अदाकारा जूलिया रॉबर्ट्स जैसे लोगों को भी बाबा की आस्था शक्ति ने आकर्षित किया। कैंचीधाम अध्यात्मिक चिंतन के लिए उत्तम जगह है। दूर-दूर से यहां आकर साधक ध्यान लगाने लगाते हैं।

बाबा का जन्म लगभग 1900 ई. के मध्य उत्तर प्रदेश के अकबरपुर नामक गांव में हुआ। उनका मूल नाम लक्ष्मण दास शर्मा था, बाद में उनके भक्तों ने इनका नाम नीब करौली बाबा रखा। कई लोगो की किस्मत बदल देने वाले बाबा का जीवन सरल व साधारण था, लेकिन इनके आशीर्वाद से कई भक्त अरबपति बन गए। देवभूमि उत्तराखंड का कैंची धाम एक ऐसी जगह है, जहां कोई भी मुराद लेकर जाए तो वह खाली हाथ नहीं लौटता। बाबा नीब करौली ने इस आश्रम की स्थापना 1964 में की थी। बाबा 1961 में पहली बार यहां आए और उन्होंने अपने पुराने मित्र पूर्णानंद जी के साथ मिल कर यहां आश्रम बनाने का विचार किया था। बाबा को कैंची धाम बहुत प्रिय था। बाबा के भक्तों ने इस स्थान पर हनुमान का भव्य मन्दिर बनवाया। यहां बाबा नीब करौली की भी एक भव्य मूर्ति स्थापित की गई है। बाबा नीब करौली महाराज के देश-दुनिया में 108 आश्रम हैं। इन आश्रमों में सबसे बड़ा कैंची धाम और अमेरिका के न्यू मैक्सिको सिटी स्थित टाउस आश्रम है। कई पुस्तकों में बाबा नीब करौली महाराज जी के अनेको चमत्कारों का वर्णन भी है। भक्त बताते हैं कि बाबा नीब करौरी महाराज जी को कैंची धाम से विशेष लगाव था।1973 में इनका स्वर्गवास होने के बाद भी लोगों का आज तक  बाबा पर अटूट विश्वास बना हुआ है।

15 जून देवभूमि उत्तराखंड में लगता है भव्य भंडारा

हर साल 15 जून को कैंची धाम में विशेष भंडारा लगता है। 15 जून को कैंची धाम के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। इसी दिन साल 1964 में कैंची धाम में हनुमान जी की प्रतिमा की प्रतिष्ठा की गई थी। इस दिन देश-विदेश से यहां लोग बाबा के दर्शन करने और पावन प्रसाद को ग्रहण करने आते हैं। लेकिन पिछले साल 2020 में कोरोना महामारी की वजह से यहां पर भव्य भंडारे का आयोजन नहीं हो सका। 56 वर्षों में यह पहला मौका है, जब कोरोना संक्रमण के चलते स्थापना दिवस पर कैंची धाम में भक्तों का रेला नहीं लगा। बस मंदिर समिति के सदस्यों ने भोग लगाया और स्थापना दिवस की औपचारिकता पूरी की। अगर आप भी कभी देवभूमि उत्तराखंड आएं तो बाबा के आश्रम के दर्शन जरूर करें।

(रिपोर्ट – पवन सिंह कुंवर)

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