लखीमपुर खीरी: बस चालक ने बस मालकिन की कार को मारी टक्कर, मौत
अमृत विचार, लखीमपुर खीरी। कोतवाली मोहम्मदी इलाके में वेतन न मिलने से क्षुब्ध एक चालक ने अपनी ही बस की मालकिन को बस से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। वहीं कोतवाली पुलिस इस मामले को महज एक सड़क हादसा बता रही है। गौरतलब हो कि पड़ोसी जनपद शांहजापुर के मोहल्ला दिलाजात निवासी बब्ली (54) …
अमृत विचार, लखीमपुर खीरी। कोतवाली मोहम्मदी इलाके में वेतन न मिलने से क्षुब्ध एक चालक ने अपनी ही बस की मालकिन को बस से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। वहीं कोतवाली पुलिस इस मामले को महज एक सड़क हादसा बता रही है। गौरतलब हो कि पड़ोसी जनपद शांहजापुर के मोहल्ला दिलाजात निवासी बब्ली (54) पत्नी स्व. नरेश चंद्र जयासवाल अपने पुत्र अरूण के साथ सुबह करीब 7ः30 बजे अपने घर से अपने वकील को मिलने गोला गई थी।
वहां से वापस आते वक्त बस के चालक ओमप्रकास पाण्डें निवासी अशैली गुलौली कोतवाली मोहम्मदी ने बस मालकिन बब्ली से फोन पर अभ्रद्र भाषा का प्रयोग करते हुए। खूब खरीखोटी सुनाई और उससे कहा कि मैं बस लेकर जा रहा हूं। तुम जो कर पाओ वह कर लेना जैसे ही बस मालकिन अपने पुत्र के साथ मोहम्मदी रोडवेज बस स्टेशन पहुंची, चालक ने आवेश मे आकर रोडवेज बस को मालकिन की कार की तफर दौड़ा दिया। जिससे मालकिन बस की चपेट में आ गई। वहीं उनके कार भी दुर्घटनाग्रस्त हो गई।
घायल अवस्था मे उनके पुत्र अरूण द्वारा अपनी मां को गंभीर हालत मे स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। जंहा परसंघन परीक्षण के बाद डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका के पुत्र अरूण ने आरोप लगाते हुए बताया कि 16 जनवरी को उसके पिता की मृत्यु हो गई थी। जिस कारण वह अपने चालक का पूरा वेतन नही दे सका था। तथा चालक के परिवार के जीवीका चलाने के लिए वह बराबर व्यवस्था करता रहा।
इसी दौरान 19 फरवरी को एआरएम शांहजापुर ने फोन कर जानकारी दी कि जब तक बस के कागज और खाता ट्रांसफर नही हो जाता तब तक बसका परिचालन बंद कर दे। यही सब कागज बनवाने वह अपने वकील के पास गया था। वापसी के दौरान बस के चालक द्वारा उसकी मां की बस से कुचलकर हत्या कर दी गई। वहीं पुलिस इसमामले को महज एक सड़क हादसा बता रही है।
आरोपी बस चालक ओमप्रकाश पाण्डेय के खिलाफ मृतका के बेटे अरुण की तहरीर पर गैर इरादतन हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी अन्य बिंदुओं की जांच की जा रही है। -ब्रजेश त्रिपाठी कोतवाल मोहम्मदी
