बरेली: अमल दरामद ठप, रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुए सिकमी दुकानदारों के नाम
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम में लंबे समय से म्यूटेशन यानी अमल दरामद की कार्रवाई न होने से निगम की सैकड़ों दुकानों के सिकमी किराएदार और विरासत के मामले लटके हुए हैं। इससे लोग अपने नाम दुकानें भी दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। अमल दरामद को लेकर कई बार प्रयास भी शुरू किए गए, …
बरेली, अमृत विचार। नगर निगम में लंबे समय से म्यूटेशन यानी अमल दरामद की कार्रवाई न होने से निगम की सैकड़ों दुकानों के सिकमी किराएदार और विरासत के मामले लटके हुए हैं। इससे लोग अपने नाम दुकानें भी दर्ज नहीं करा पा रहे हैं। अमल दरामद को लेकर कई बार प्रयास भी शुरू किए गए, लेकिन बाद में कोई न कोई पेच फंस जाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने इस कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डाल दिया। जबकि लंबे समय से म्यूटेशन की कार्रवाई कराने के लिए प्रयासरत हैं। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि इस पर विचार चल रहा है।
शहर में नगर निगम की करीब 1450 दुकानें हैं। बताते हैं कि इनमें से करीब चार सौ दुकानें के मालिक बदल गए हैं। इसमें ज्यादातर दुकानदारों ने या तो दूसरे लोगों के हाथ बेच दी है और वह अब बतौर सिकमी किराएदार के तौर पर दुकानों पर बैठे हुए हैं। इसके अलावा तमाम दुकानें ऐसी भी हैं, जिन्हें निगम ने जिन लोगों को आवंटित किया था, उनकी मृत्यु हो जाने के बाद उनका विरासत में हस्तांतरण होना है।
जबकि नगर निगम में लंबे समय से अमल दरामद की कार्रवाई ही ठप पड़ी हुई है। दुकानों को अपने नाम दर्ज कराने के लिए लोग लंबे समय से नगर निगम प्रशासन से मांग भी उठा रहे हैं। इसके बावजूद यह प्रक्रिया शुरू होने में लगातार देरी हो रही है। पूर्व उपसभापति छंगामल मौर्य सहित कई पार्षद भी अमल दरामद की कार्रवाई शुरू करने के लिए प्रयास में जुटे हैं। ऐसे में लोगों को इस बड़ी परेशानी से भी छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
निगम की आय को भी लग रहा तगड़ा झटका
नगर निगम की दुकानों का लंबे समय से अमल दरामद न होने से इसका बड़ा नुकसान नगर निगम की अपनी आमदनी को लेकर भी झेलना पड़ रहा है। बताते हैं कि नगर निगम की दुकानों के सिकमी किराएदारों का रिकार्ड में चढ़ने के बाद उनके किराए में बढ़ोत्तरी के साथ पचास गुना प्रीमियम की धनराशि जमा कराई जानी चाहिए। जबकि विरासत के मामलों में किराएदार से निर्धारित किराया बढ़ाने के साथ प्रीमियम की धनराशि को बारह गुना बढ़ाए जाने का प्रावधान है। जबकि म्यूटेशन न होने से यह आय नगर निगम को नहीं हो पा रही है। इससे सीधा असर उसके राजस्व पर पड़ रहा है।
नगर निगम ने शुरू की दुकानों की नीलामी
शहर में नगर निगम की करीब 90 दुकानें खाली पड़ी हुई थी। इसकी नीलामी की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। मंगलवार को प्रेमनगर थाने के पास निगम की 32 दुकानों की नीलामी की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके अलावा खलीलनगर सीबीगंज में 45 दुकानों की भी नीलामी की जानी है। निगम प्रशासन का कहना है कि इससे इस नीलामी से काफी आमदनी हो जाएगी।
