राजनाथ को पिंजरे का तोता बना दिया, बोलने की आजादी मिले तो कल समझौता हो जाए: टिकैत

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बाराबंकी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री कानून वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो किसान भी वापस हटने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ …

बाराबंकी। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कृषि कानूनों को वापस लिए जाने का मुद्दा उठाते हुए सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर प्रधानमंत्री कानून वापस लेने के लिए तैयार नहीं हैं तो किसान भी वापस हटने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें पिंजरे का तोता बना दिया गया है और अगर उन्हें बाेलने की आजादी मिले तो कल ही हमारे और सरकार के बीच समझौता हो सकता है।

टिकैत ने आज यहां जिला मुख्यालय से लगभग 10 किलोमीटर दूर हरख चौराहे पर आयोजित किसान महापंचायत में कहा कि पूर्वांचल का रास्ता बाराबंकी से खुलता है। ये पूर्वांचल की सफलता का द्वार है,जब यहां का किसान अपने अधिकारों के प्रति जागरुक होगा तभी पूर्वांचल के किसानों को तीनों काले कानूनों के खिलाफ जागरुक करने में सफल होगा।

उन्होंने कहा कि हम इस तरह की पंचायतें पूरे पूर्वांचल में करने जा रहे हैं। हर जिले में हमारी महापंचायत होगी। इसमें किसानों को जागरुक कर यह बताने का कार्य करेंगे कि ये तीनों कानून किस तरह से आने वाले दिनों में हमें अपना गुलाम बना लेंगे। नरेश टिकैत ने कहा कि पहले हिंदू और मुस्लिम एक साथ प्रेम से रहते थे। कोई किसी का विरोध नहीं करता था।

भाजपा पर मुसलमानों को लेकर भ्रांतियां फैलने का आरोप लगाते हुए कहा कि आज एक दूसरे के बीच फूट डलवा दिया,लेकिन अब लोगों को इनकी चाल समझ में आ रही है। इसीलिए अब इनकी दाल नहीं गलने वाली। सरकार किसानों को आतंकवादी, खालिस्तानी बताकर बदनाम करने की कोशिश कर रही है हम चुप नहीं बैठेंगे।

उन्होंने पिछले दिनों मुजफ्फरनगर में केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ, संजीव बालियान की मौजूदगी में हुई मारपीट पर नरेश टिकैत ने कहा कि वो सरकार में हैं और इसी कारण हम विरोध नहीं कर सकते हैं। वो न मेरा विरोध कर रहे हैं न मैं उनका विरोध कर रहा हूं। वो भी तो परेशान हैं, उन्हें भी तो विरोध झेलना पड़ रहा है।

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