बरेली: आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस पर स्टार्टअप शुरू करेंगे छात्र
बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इंक्यूबेशन सेंटर एक्टिव हो गया है। इसमें कई छात्रों के साथ अन्य ने भी स्टार्टअप के लिए आवेदन किया है। कोई छात्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तो कोई हॉस्पिटेलिटी पर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। जल्द ही आवेदन करने वालों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उनके स्टार्टअप को शुरू करने में …
बरेली, अमृत विचार। रुहेलखंड विश्वविद्यालय में इंक्यूबेशन सेंटर एक्टिव हो गया है। इसमें कई छात्रों के साथ अन्य ने भी स्टार्टअप के लिए आवेदन किया है। कोई छात्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तो कोई हॉस्पिटेलिटी पर स्टार्टअप शुरू करना चाहता है। जल्द ही आवेदन करने वालों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा और उनके स्टार्टअप को शुरू करने में मदद की जाएगी।
इसी संबंध में बुधवार को रुहेलखंड इंक्यूबेशन फाउंडेशन, ग्रास रुट इंक्यूबेशन क्लब, आईडीपी, रैंकिंग सेल के संयुक्त तत्वाधान में एक ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का विषय आइडिया थार, एवं हैकथान एवं स्टार्टअप्स था। मार्च में आफलाइन हैकथान का आयोजन किया जाएगा। वर्चुअल कार्यशाला में अतिथियों का शाब्दिक सत्कार रूहेलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन की सीईओ प्रो तूलिका सक्सेना ने किया। उन्होंने कहा कि विचारों को प्रेरित कर नया आयाम देने वाली कार्यशाला विचारों के सृजनकर्ताओं के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध होगी।
ग्रास रूट इनक्यूबेशन क्लब के कोआर्डिनेटर डॉ देश दीपक शर्मा ने कहा कि अपने आंतरिक गुणों को बढ़ाकर अपने विचारों को एक नई उड़ान दें। कार्यशाला के मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी चंद्र मोहन गर्ग ने कहा कि विचार एक दिशा है। उसको सही तरीके से नियोजित करके अपने धैर्य एवं मौलिकता को बनाए रखते हुए आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यशाला के मुख्य वक्ता अवोक इंडिया फाउंडेशन के प्रेसिडेंट प्रवीन कुमार द्विवेदी ने पीपीटी के माध्यम से बताया कि छात्रों को अपने विचारों का बच्चों की तरह पालन पोषण करना चाहिए। इसी क्रम में कुछ सक्रिय छात्र छात्राओं ने अपने अनुभवों को भी साझा किया जिसमें आदित्य, गीतिका, राशि, ऋषभ इत्यादि रहे। कुलपति प्रो. केपी सिंह ने कहा कि अपने विचारों को उत्पन्न कीजिए एवं उन्हें पल्लवित कोशिश कीजिए। किसी भी क्षेत्र में आपके श्रेष्ठ विचार नए ऊर्जा का संचार करते है।
किसान ने भी स्टार्टअप के लिए किया संपर्क
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बताया कि इंक्यूबेशन सेंटर ने वर्क कर लिया है। मंत्रालय से पंजीकरण के लिए फाइल भेज दी गई है। ऑफिस व लैब बनायी जा रही है। बजट की भी तैयारी की जा रही है। कई लोगों ने स्टार्टअप के लिए संपर्क किया गया है। सेंटर के पूरी तरह से वर्क करने पर स्टार्टअप शुरू करने वालों को पूरी मदद दी जाएगी।
प्रो. तुलिका सक्सेना ने बताया कि एमबीए और बीटेक के छात्रों ने स्टार्टअप के लिए आवेदन किया है। उन्होंने अभी अपने आइडिया शेयर नहीं किए हैं लेकिन छात्र आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, हॉस्पिटेलिटी, द्रोण व अन्य पर काम करना चाहते हैं। बिथरी चैनपुर के एक किसान ने भी स्टार्टअप के लिए संपर्क किया है। दो बैंकों से भी समन्वय हो गया है। रजिस्ट्रेशन होने के बाद चार्टेड अकाउंटेंट की भी नियुक्ति की जाएगी। जल्द ही सेंटर पूरी तरह से काम करने लगेगा।
