अब महिलाओं के लिए अलग बनेगी साइबर सेल

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। महिलाओं व छात्राओं के सोशल मीडिया अकाउंट से फोटो एवं वीडियो चोरी कर उन्हें अश्लील बनाकर पोस्ट करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन मामलों की महिलाएं पुलिस से शिकायत करती हैं। मामला साइबर सेल में जाता है लेकिन जब पुरुष पुलिसकर्मी उनसे पूछताछ करते हैं तो वह बताने में हिचकिचाती …

बरेली, अमृत विचार। महिलाओं व छात्राओं के सोशल मीडिया अकाउंट से फोटो एवं वीडियो चोरी कर उन्हें अश्लील बनाकर पोस्ट करने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इन मामलों की महिलाएं पुलिस से शिकायत करती हैं। मामला साइबर सेल में जाता है लेकिन जब पुरुष पुलिसकर्मी उनसे पूछताछ करते हैं तो वह बताने में हिचकिचाती हैं। महिलाओं को किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए सभी जिलों में अलग से महिला साइबर सेल खोली जाएगी। बरेली में साइबर थाना में अलग से सेल बनाई जाएगी।

साइबर क्राइम के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साइबर ठगी के अलावा सोशल क्राइम भी काफी हो रहा है। कभी किसी महिला की फेसबुक आईडी से उसकी फोटो चोरी कर अश्लील बनाकर वायरल कर दी जाती है। कभी व्हाट्सएप हैक कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट बना लिए जाते हैं। कई महिलाएं पति और प्रेमी पर भी इंटरनेट पर अश्लील फोटो वायरल करने की रिपोर्ट दर्ज कराती हैं। कई छात्राएं भी इसका शिकार हो चुकी हैं। उनकी फ्रेंड लिस्ट में शामिल कई शातिर इस तरह की हरकतें करते हैं। जब बदनामी होती है तो महिलाएं इसकी पुलिस से शिकायत करती हैं।

साइबर क्राइम से जुड़ा मामला होने के चलते साइबर सेल में शिकायत भेजी जाती है। साइबर सेल व साइबर थाना में महिला पुलिसकर्मी तो तैनात हैं लेकिन महिलाओं से पुरुष पुलिसकर्मी ही पूछताछ करते हैं। कुछ सवाल ऐसे भी होते हैं जिन्हें पुरुष पुलिसकर्मियों के सामने बताने में महिलाएं हिचकती हैं। महिलाओं को ऐसी दिक्कत न हो इसके लिए पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में महिलाओं के लिए अलग से साइबर सेल खोलने के निर्देश दिए हैं। इसमें सिर्फ महिला पुलिसकर्मी ही रहेंगी जो पीड़ित महिला से पूछताछ करेंगी। आईजी रेंज राजेश कुमार पांडेय ने बरेली में पुलिस लाइन में खुले साइबर थाने में अलग से सेल बनाने के निर्देश दिए हैं।

साइबर क्राइम को लेकर किया जाएगा जागरूक
साइबर क्राइम की शिकार कई छात्राएं भी होती हैं। उच्च शिक्षण संस्थानों में इस तरह के मामले होते रहते हैं। छात्राएं इसकी शिकायत भी कम करती हैं। छात्र-छात्राओं को साइबर क्राइम से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के निर्देश के बाद यूजीसी ने विश्वविद्यालय के कुलपति और सभी महाविद्यालयों के प्राचार्य को निर्देश दिए हैं कि उच्च शिक्षण संस्थानों में साइबर क्राइम को लेकर जागरूक किया जाए।

भारत सरकार के पोर्टल साइबर क्राइम ऑफ इंडिया के बारे में छात्र-छात्राओं को बताया जाए। सरकार के पोर्टल साइबर दोस्त के बारे में भी बताया जाए। इन दोनों के माध्यम से छात्र-छात्राएं ऑनलाइन भी शिकायत कर सकते हैं। शिक्षकों को भी इसके बारे में बताया जाए। जागरूकता के लिए सेमिनार, वर्कशॉप, प्रतियोगिता व अन्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाए।

महिलाओं को साइबर क्राइम के मामलों में किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। साइबर थाने में अलग से महिला साइबर सेल बनाई जाएगी। -राजेश कुमार पांडेय, आईजी रेंज

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