बरेली: दांतों की पूर्ण या आंशिक हानि सौंदर्यता को करती है खराब

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अमृत विचार, बरेली। मुंह का स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य और सुंदरता के लिए महत्वपूर्ण है। दांतों की पूर्ण या आंशिक हानि व्यक्ति की छवि और आत्मविश्वास को प्रभावित करती है। मुंह का खराब स्वास्थ्य व्यक्ति के सुपोषित रहने में कठिनाई पैदा करता है और शारीरिक विकारों का जोखिम पैदा करता है। दांत …

अमृत विचार, बरेली। मुंह का स्वास्थ्य किसी भी व्यक्ति के सामान्य स्वास्थ्य और सुंदरता के लिए महत्वपूर्ण है। दांतों की पूर्ण या आंशिक हानि व्यक्ति की छवि और आत्मविश्वास को प्रभावित करती है। मुंह का खराब स्वास्थ्य व्यक्ति के सुपोषित रहने में कठिनाई पैदा करता है और शारीरिक विकारों का जोखिम पैदा करता है।

दांत न होने से सौंदर्य के आलावा बोलने और खाना चबाने जैसी समस्याएं भी मरीज को होती हैं और ये आम जनता में देखी जाने वाली सबसे आम समस्या है। यह कहना है बरेली इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के विभागाध्यक्ष डा.एम के सिंघल का। उन्होंने बताया कि प्रोस्थो डोंटिक्स दंत चिकित्सा में मुंह में नकली दांत लगाने का काम किया जाता है। किसी एक दांत का न होना या सभी दांतों का न होना या दांत का कोई एक हिस्सा टूट जाना, इन सभी समस्याओं का इलाज इंस्टीट्यूट ऑफ़ डेंटल साइंसेज के प्रोस्थो डोंटिक्स विभाग में सफलतापूर्वक किया जाता है।

बताया कि मरीज को उसकी सुविधा और पसंद के अनुसार निकलने वाला आंशिक डेन्चर, पूरे मुंह का डेन्चर, फिक्स्ड दांत जैसे क्राउन या इम्प्लांट आदि की पूर्ण उपलब्धता है। दंत चिकित्सा की इसी शाखा में न केवल खोये हुए दांत बल्कि कृत्रिम आँख,नाक, कान या ऊँगली को भी अब सफलतापूर्वक लगाया जा सकता है। डेंटल कॉलेज के प्रोस्थो डोंटिक्स विभाग में नकली पैर लगाने का काम भी किया जाता है।

डेन्चर लगवाने वाले सभी मरीजों को नियमित समयांतराल के बाद उचित समायोजन के लिए विशेषज्ञ के पास अवश्य जाना चाहिए। इससे डेन्चर के खराब न होने, तकलीफ न होने और इलाज के सफल होने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। साथ ही डेन्चर को लम्बे समय तक अच्छी स्थिति में रखने के लिए उसे प्रतिदिन डेन्चरक्लीनर (टूथपेस्टनहीं) और पानी से साफ़ करना चाहिए। जब डेन्चर उपयोग में न हो उस समय उसे पानी में रखना चाहिये, इससे डेन्चर अपना आकर भी नहीं खोएगा।

आपके डेंटल सर्जन डेन्चर के रखरखाव और देखभाल के सर्वोत्तम तरीकों की सलाह दे सकते हैं । प्राकृतिक दांतों के बिना आसपास की मांसपेशियां ढीली हो जाती हैं और जबड़े की हड्डी भी गलने लगती है जिससे मरीज समय से पहले बूढ़ा दिखने लगता है। विशेषज्ञ से डेन्चर बनवाकर इन समस्याओं से भी आसानी से निजात पाया जा सकता है।

दंत प्रत्यारोपण (इम्प्लांट) कृत्रिम दांत लगाने के लिए एक उन्नत विकल्प है। डेंटल इम्प्लांट दांत की जड़ का स्थान ले लेता है और कृत्रिम दांत के लिए मजबूत नींव प्रदान करता है। इस प्रणाली के बहुत फायदे हैं जैसे- ये आपके प्राकृतिक दांतों से काफी मिलता जुलता लगता है,बात करते या हँसते समय निकल जाने की चिंता और उससे होने वाली शर्मिंदगी से मुक्ति, बार बार निकलने लगाने की असुविधा न होना, अगल बगल के दांतों को कोई नुक्सान न होना, मजबूती से लगे रहना जिससे मरीज अपने अपने पसंदीदा भोजन को बिना तकलीफ खा सकता है और आपके मुंह का हिस्सा बन जाना आदि।

आपके कुछ या सभी दांत गायब हैं या फिर दांत का कोई एक हिस्सा नहीं है और आप एक शानदार मुस्कान के साथ बेहतर जीवन चाहते हैं तो कृत्रिम दांत अवश्य लगवाएं। यदि चेहरे का भी कोई हिस्सा किसी भी कारण से क्षतिग्रस्त हो चुका है तो उसका प्रत्यारोपण अब सफलतापूर्वक सम्भव है।

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