मुरादाबाद: स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं का तिलक कर किया स्वागत

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Edited By Amrit Vichar
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मुरादाबाद, अमृत विचार। एक वर्ष बाद स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं का शिक्षकों ने तिलक कर स्वागत किया। विद्यालयों के प्रवेश द्वार से कक्षाओं तक का नजारा देखते ही बन रहा था। रंग-बिरंगे गुब्बारों, झालरों और फूलों की लड़ियों से कक्षाओं को सजाया गया। लंबे समय बाद सहपाठी मित्रों से मिले छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना नहीं …

मुरादाबाद, अमृत विचार। एक वर्ष बाद स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं का शिक्षकों ने तिलक कर स्वागत किया। विद्यालयों के प्रवेश द्वार से कक्षाओं तक का नजारा देखते ही बन रहा था। रंग-बिरंगे गुब्बारों, झालरों और फूलों की लड़ियों से कक्षाओं को सजाया गया। लंबे समय बाद सहपाठी मित्रों से मिले छात्र-छात्राओं की खुशी का ठिकाना नहीं था। एक-दूसरे को मन की बात बताने को हर बच्चा बेताब था। शासन के निर्देशानुसार सोमवार को कक्षा एक से पांच तक के स्कूल भी खुल गए। संक्रमण के लिहाज से विद्यार्थियों के हाथों को सेनिटाइज कर और मास्क लगाकर ही प्रवेश दिया गया।

दरअसल, कक्षा छह से आठ तक के विद्यालयों को 10 फरवरी से ही खोलने के दिशा-निर्देश शासन की ओर से दिए गए थे। इसके बाद अब सोमवार को कक्षा एक से पांच तक के विद्यालय भी खुल गए। पहले दिन स्कूलों में बच्चों का अभिनंदन अद्भुत तरीके से किया गया। छात्र-छात्राएं चेहरे पर मास्क लगाए थे। एक दूसरे को पहचानना भी मुश्किल था। गेट पर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग की गई। हाथों को सेनिटाइज कराया गया। इसके बाद उनके माथे पर तिलक लगाकर फूलमाला पहनाई गई। इसके बाद ही उन्हें विद्यालय परिसर में प्रवेश दिया गया।

अधिकांश विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की हाजिरी 50 प्रतिशत या उससे भी कम रही। क्लास के अंदर भी छात्र-छात्रायें कोरोना के डर से शारीरिक दूरी बनाकर दूर ही बैठे। शिक्षक भी मास्क लगाए हुए थे। यदि कोई छात्र मास्क उतारने का प्रयास करता तो उसे शिक्षक टोक रहे थे। छात्र-छात्राओं के साथ ही शिक्षकों को भी स्कूल प्रबंधन की ओर से अपने साथ सेनिटाइजर लाने के निर्देश दिए गए थे। तमाम अभिभावक पहले दिन बच्चों को स्कूल भेजने से कतराते दिखाई दिए।

क्या बोले छात्र-छात्रायें
छात्रा रोशनी ने कहा कि बहुत दिनों बाद दोस्तों से मिलना हुआ। आनलाइन पढ़ाई के दौरान सब कुछ समझ नहीं आ पाता था। अब स्कूल खुलने के बाद काफी अच्छा महसूस हुआ।

छात्र प्रिंस ने कहा कि आनलाइन पढ़ाई के दौरान कई बार नेटवर्क की परेशानी की वजह से पढ़ाई सही से नहीं हो पा रही थी। लेकिन, स्कूल खुलने के बाद इस परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

नोसगे स्कूल प्रधानाचार्य नीरज गुप्ता ने कहास कि पहले दिन छात्रों की संख्या काफी कम रही। वहीं स्कूल प्रबंधन की ओर से संक्रमण के प्रति एहतियात बरतने को हर संभव प्रयास किया गया। धीरे-धीरे ही छात्र-छात्राओं की संख्या में इजाफा होने की संभावना है।

 

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