बरेली: विज्ञापन का पैसा वसूलने में नाकाम निगम अब देगा ठेका
अमृत विचार, बरेली। विज्ञापन फर्मों से वसूली न कर पाने से परेशान नगर निगम प्रशासन अब अगले वित्तीय वर्ष से इसका ठेका देने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे वसूली में तेजी आने के साथ अवैध यूनिपोल लगने की समस्या का समाधान हो जाएगा। नगर निगम को हर साल विज्ञापन …
अमृत विचार, बरेली। विज्ञापन फर्मों से वसूली न कर पाने से परेशान नगर निगम प्रशासन अब अगले वित्तीय वर्ष से इसका ठेका देने की तैयारी कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इससे वसूली में तेजी आने के साथ अवैध यूनिपोल लगने की समस्या का समाधान हो जाएगा। नगर निगम को हर साल विज्ञापन फर्मों से मोटी आमदनी होती है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में भी विज्ञापन से राजस्व वसूली का लक्ष्य करीब दो करोड़ रुपये का रखा गया था।
हालांकि, दिक्कत यह आ रही है कि नगर निगम प्रशासन को हर साल विज्ञापन फर्मों से वसूली करने में मशक्कत करनी पड़ती है। इस साल भी करीब 50 लाख रुपये की वसूली होनी बाकी है जबकि वित्तीय वर्ष का अंतिम मार्च का महीना भी शुरू हो चुका है। वसूली के लिए काफी पसीना बहाने के बाद भी लक्ष्य पूरा करने में नाकाम नगर निगम प्रशासन ने अगले वित्तीय वर्ष में विज्ञापन फर्मों से वसूली का ठेका देने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे नगर निगम को राजस्व वसूली के लिए काफी आसानी हो जाएगी। हर वर्ष होने वाले टेंडर से निगम की आय बढ़ने के भी आसार हैं।
इस साल 52 फर्में कर रही हैं विज्ञापन
विज्ञापन के लिए नगर निगम प्रशासन ने तीन सौ यूनिपोल, 103 कैंटीलीवर और 252 सिंगल पोल लगाने की अनुमति दी है। इसके माध्यम से 52 फर्में शहर में विज्ञापन का काम कर रही है। इस साल इन फर्मों से दो करोड़ रुपये विज्ञापन शुल्क के तौर पर लेने का लक्ष्य है। अब तक करीब डेढ़ करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है।
इस साल भी नगर निगम प्रशासन को इसमें से तमाम फर्मों से विज्ञापन का शुल्क वसूल कर ने में काफी परेशानी झेलनी पड़ी है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि विज्ञापन शुल्क वसूली का ठेका देने से नगर निगम प्रशासन की एक बड़ी सिरदर्दी समाप्त हो जाएगी।
प्रभावशाली लोगों से वसूली करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते अफसर
शहर में बड़ी संख्या में लगे यूनिपोल पर प्रभावशाली लोगों के विज्ञापन भी लगे हैं। नगर निगम के अधिकारी इनसे वसूली करने की हिम्मत जल्द नहीं जुटा पाते हैं। इसलिए इस बकाए की समय से वसूली करने में दिक्कत आती है।
अगले वित्तीय वर्ष से विज्ञापन का ठेका देने की तैयारी चल रही है। इससे राजस्व में भी आसानी से बढ़ोतरी की जा सकेगी। -ज्ञानचंद्र, कर अधीक्षक, नगर निगम
