बरेली: तेज धूप व पछुआ हवा से संकट में गेहूं की फसल

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अमृत विचार, बरेली। मार्च में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। दिन में तेज धूप व पछवा हवा चलने से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। यदि ऐसे रहा तो उत्पादन पर असर पड़ेगा। मौसम परिवर्तन व रबी फसलों पर उसके असर से किसान चिंतित हैं जो रबी की फसल के लिए …

अमृत विचार, बरेली। मार्च में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। दिन में तेज धूप व पछवा हवा चलने से गेहूं की फसल प्रभावित हो रही है। यदि ऐसे रहा तो उत्पादन पर असर पड़ेगा। मौसम परिवर्तन व रबी फसलों पर उसके असर से किसान चिंतित हैं जो रबी की फसल के लिए बेहद नुकसानदेह है।

किसानों के मुताबिक उनकी चिंता का सबसे बड़ा कारण मौसम है। किसानों का कहना है कि गेहूं की फसल में बाली तो पिछले माह ही आ गई थी। फाल्गुन के महीने में इसमें दाना पड़कर मजबूत हो जाता है। वर्तमान में तेज धूप व हवा फसल के लिए बेहद नुकसानदेह है। यदि खेत में पानी लग गया और हवा चल गई तो फसल गिरने की संभावना रहती है। गिरी फसल में दाना कमजोर पड़ता है जिससे उत्पादकता पर असर पड़ता है। फाल्गुन का महीना गेहूं की फसल के लिए बेहद अहम होता है। इस माह में यदि प्राकृतिक आपदाओं से बचा जा सके तो उत्पादन अच्छा होने की पूरी उम्मीद रहती है लेकिन शुरुआत में जिस तरह से मौसम में गर्मी बढ़ी है। इसका असर फसल पर उल्टा पड़ेगा।

गर्मी की वजह से पानी की जरूरत ज्यादा रहती है। पानी लगाना भी इस समय बेहद कठिन होता है क्योंकि समय से पानी मिलता भी नहीं है। दूसरा पानी लगने के बाद यदि हवा चल गई तो गेहूं की फसल गिर जाएगी। ऐसे में फसल नष्ट होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। – प्रमोद गंगवार, किसान

चना, मटर आदि फसलों में ज्यादा नुकसान नहीं होगा लेकिन लाहा, अरहर व गेहूं की फसलों में पानी लगाने पर भी गर्मी की वजह से फसल उखड़ने का डर बना रहता है। – कुलदीप विश्नोई, कृषि विशेषज्ञ

गेहूं के खेत में नमी बनाए रखें। फसल में ज्यादा पानी भरने पर सूख जाएगी। तेज हवा में गिरने की भी संभावना रहती है। गर्मी में अगले सप्ताह में बढ़ोत्तरी होने की पूरी संभावना है।
– आरके सिंह, मौसम विज्ञानी

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