महाशिवरात्रि: हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजी नाथ नगरी बरेली, मंदिरों में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमृत विचार, बरेली। जिले में महाशिवरात्रि का पर्व भक्ति, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्राचनीतम शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। शिवालयों के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी रही। लोगों ने महादेव का जलाभिषेक किया। शहर में कई जगह रूट डायवर्जन भी किया गया था। सभी …

अमृत विचार, बरेली। जिले में महाशिवरात्रि का पर्व भक्ति, श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्राचनीतम शिवालयों में भक्तों का तांता लगा रहा। शिवालयों के बाहर भक्तों की लंबी कतार लगी रही। लोगों ने महादेव का जलाभिषेक किया। शहर में कई जगह रूट डायवर्जन भी किया गया था। सभी नाथ मंदिरों में कमेटी की ओर से लगातार कोविड गाइडलाइन का पालन करने की अपील की जा रही थी लेकिन कहीं भी सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखी।

बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर का भव्य श्रृंगार किया गया। यहां फूल और लताओं से मंदिर के प्रवेश द्वार को सजाया गया। बाबा पशुपतिनाथ, मढ़ीनाथ, वनखंडीनाथ, धोपेश्वरनाथ, अलखनाथ मंदिर और तपेश्वरनाथ मंदिर में शिवभक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। भक्तों ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। वहीं, बाबा अलखनाथ मंदिर में बुधवार की मध्य रात्रि से ही पूजन आरंभ हो गया था। यहां परंपरानुसार सबसे पहले अखाड़े से जुड़े साधुओं ने दर्शन पूजन किया। देर रात से ही मंदिर परिसर भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गुजने लगा था। साधुओं ने मंदिर में भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। भोर होने पर भक्तों का रेला जुटने लगा और सुबह 6 बजे तक मंदिर के गेट तक लंबी कतार लग गई।

घरों में हुआ महाशिवरात्रि पूजन
घरों में लोगों ने महाशिवरात्रि का व्रत रखा और भगवान शिव की पूजा की। उन्हें धतूरा, बेलपत्र समेत अन्य पूजन सामग्री चढ़ाई। सुबह संकल्प के साथ महाशिवरात्रि व्रत आरंभ किया। शाम को भगवान भोलेनाथ की आराधना, आरती की और व्रत का विधि-विधान से पारन किया।

महाशिवरात्रि पर दोपहर में शहामतगंज स्थित सेठ गिरधारीलाल मंदिर में शिव भक्त जुटे और वहां सबसे पहले वंदना हुई। आशुतोष अग्रवाल के निर्देशन में गणेशपूजन और नाथ नगरी चालीसा पाठ हुआ। शिवभक्तों का रेला गंगापुर, संजयनगर होते हुए वनखंडीनाथ पहुंचा। पंडित मुकेश पांडेय ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ सामूहिक रुद्राभिषेक पूजन कराया।

महाशिवरात्रि के अवसर पर पशुपति नाथ मंदिर में जलाभिषेक करते श्रद्धालु।

पशुपतिनाथ, तपेश्वरनाथ मंदिर में भी हुआ जलाभिषेक
शिवभक्तों की भीड़ वनखंडीनाथ मंदिर से पहले पशुपतिनाथ मंदिर पहुंची। वहां पंक्तिबद्ध होकर भक्तों ने बाबा पशुपतिनाथ और बाबा तपेश्वरनाथ का पूजन किया। यहां से शिवभक्तों की यात्रा मढ़ीनाथ और बाबा अलखनाथ मंदिर पहुंची।

बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में हुई महाआरती
जलाभिषेक यात्रा बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर पहुंची जहां यात्रा का विश्राम हुआ। यहां भक्तों ने बारी-बारी से बाबा त्रिवटीनाथ मंदिर में दर्शन किया। शिवलिंग का पूजन कर रुद्राभिषेक किया। उसके बाद महाआरती हुई और सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम में ब्रजवासीलाल अग्रवाल, आशुतोष अग्रवाल, मनोज देवल, अनूप अग्रवाल, धर्मेश अग्रवाल, मोहन गुप्ता, पंकज देवल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

कालसर्प दोष निवारण का पूजन
बाबा धोपेश्वरनाथ मंदिर में भक्तों ने कालसर्प दोष निवारण के लिए पूजन किया। जगह-जगह कुंड बनाकर धार्मिक अनुष्ठान हुए और कालसर्प दोष निवारण के लिए विधि-विधान से आराधना की गई। इस दौरान भक्तों ने शिवलिंग का रुद्राभिषेक किया और उनसे सभी के कष्ट दूर करने की कामना की।

शिवरात्रि पर मंदिरों से लेकर सड़क तक रहा पुलिस का पहरा
महाशिवरात्रि पर जिले में श्रद्धालुओं की सहूलियत व सुरक्षा के लिहाज से मंदिर से लेकर सड़क तक जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात रही। साथ ही आईजी राजेश कुमार पांडेय, एसएसपी रोहित सिंह सजवाण समेत अन्य पुलिस अधिकारियों ने जिले में घूमकर सुरक्षा व्यवस्था देखी। हालांकि रात तक सब कुछ समान्य चलता रहा।

महाशिवरात्रि पर गुरुवार को सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ थी। ऐसे में कोई खुराफत कर माहौल न बिगाड़ सके, इसलिए मंदिरों में पुलिस के साथ पीएसी तैनात की गई। मंदिरों में आने वाले संदिग्ध लोगों पर भी पुलिस नजर रख रही थी। गंगापुर से निकलने वाले जुलूस को भी पुलिस सुरक्षा में निकाला गया। जुलूस जहां-जहां से गुजरा वहां पहले से ही पुलिस तैनात थी। एलआईयू भी संदिग्धों पर नजर रख रही थी।

रथयात्रा में उमड़ी भीड़
कोरोना संक्रमण को देखते हुए एसएसपी ने महाशिवरात्रि पर निकलने वाली रथयात्रा में लोगों की संख्या कम रखने के निर्देश दिए थे। सीओ व थाना प्रभारियों ने भी राथयात्रा निकालने वाले प्रबंधकों को भीड़ न जुटने की बात कही थी लेकिन अधिकतर रथयात्रा में सीमित संख्या से ज्यादा भीड़ उमड़ी। बानखाना, जगतपुर समेत अन्य जगहों से निकलने वाली शोभायात्राओं में लोगों को हुजूम बना रहा।

डायवर्जन से लगा जाम
महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं के शहर में आगमन के चलते रूट डायवर्जन बुधवार शाम 6 बजे से लागू कर दिया गया था। ऐसे में शहर में यातायात व्यवस्था सामान्य रही, लेकिन शहर के बाहर जाम जैसी स्थिति बनी रही। बड़ा बाईपास, बिलवा पुल, कैंट, विलयधाम समेत अन्य रास्तों पर जाम लगा रहा।

संबंधित समाचार