बरेली: अवसादग्रस्त लोग रात के बजाय दिन में ज्यादातर कर रहे आत्महत्या
संजय शर्मा, बरेली। तनाव व अवसाद में आकर लोग रात से अधिक दिन में आत्महत्याएं कर रहे हैं। सबसे ज्यादा फांसी लगाकर सुसाइड करना अधिक सहज समझते हैं। सबसे कम लोग आग लगाकर जीवन लीला समाप्त करते हैं। तमंचे से खुद को गोली मारने के मामले फांसी लगाने से कम हैं। आंकड़ों के मुताबिक हर …
संजय शर्मा, बरेली। तनाव व अवसाद में आकर लोग रात से अधिक दिन में आत्महत्याएं कर रहे हैं। सबसे ज्यादा फांसी लगाकर सुसाइड करना अधिक सहज समझते हैं। सबसे कम लोग आग लगाकर जीवन लीला समाप्त करते हैं। तमंचे से खुद को गोली मारने के मामले फांसी लगाने से कम हैं। आंकड़ों के मुताबिक हर दिन मंडल में एक व्यक्ति आत्महत्या कर रहा है।
बरेली जिले में जनवरी 2020 से फरवरी 2021 तक 145 लोगों ने आत्महत्या की। इसमें सबसे अधिक 106 लोगों ने फांसी लगाई। बरेली में इन 14 महीनों में 76 पुरुषों ने आत्मघाती कदम उठाया तो 41 महिलाओं ने भी मौत का रास्ता चुना। इस बीच सुसाइड करने वालों में 22 लड़के और 6 लड़कियां भी शामिल रहीं। रेंज में सबसे अधिक आत्महत्याएं शाहजहांपुर में हुईं। यहां बीते 14 महीनों में 145 लोगों ने आत्मघाती कदम उठाया।
इनमें 119 लोगों ने फांसी लगाई और 7 लोगों ने आग लगाकर सुसाइड किया। 5 लोगों ने ट्रेन से कटकर और 6 लोगों ने नदी में डूबकर जीवन लीला खत्म कर ली। 8 लोगों ने अवैध असलहे से खुद को खुली मारी। रेंज में सबसे कम सुसाइड पीलीभीत में हुए। यहां 14 महीनों में 13 लोगों ने सुसाइड किया। मरने वालों में 5 पुरुष, 3 लड़के, 4 महिलाओं के साथ 1 लड़की शामिल है। यहां 7 लोगों ने फांसी लगाई और 3 लोगों ने नदीं में कूदकर जान दी। बदायूं में 57 पुरुष, 17 लड़के, 28 महिलाओं और 6 लड़कियों में 78 लोगों ने फांसी लगाकर जान दी। यहां 14 महीनों में 108 लोगों ने आत्मघाती कदम उठाया।
रेंज के आंकड़े बताते हैं कि लोग रात से ज्यादा दिन में सुसाइड करते हैं। जोन में दिन में आत्महत्या करने वालों की संख्या रात के मुकाबले दोगुनी है। यदि कोई तनाव में है या परेशान है तो उसे समझाएं या मनोचिकित्सक को दिखाएं। उसके साथ पूरी सहानुभूति रखें। प्यार से ही परेशान लोगों को समझाया जा सकता है।
राजेश कुमार पांडेय, आईजी
