रुद्रपुर: ओएलएक्स पर सैन्य अधिकारी बनकर बेचते थे वाहन, पुलिस ने राजस्थान से दबोचा
रुद्रपुर, अमृत विचार। अधिकारी बन कर ओएलएक्स पर वाहन बेचने व खरीदने के मामले में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का एसटीएफ कुमाऊं व साइबर टीम ने पर्दाफाश किया है। टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए मामले में संलिप्त दो आरोपियों को राजस्थान से पकड़ा है। जिन पर उत्तराखण्ड में कई लोगो के साथ ठगी करने …
रुद्रपुर, अमृत विचार। अधिकारी बन कर ओएलएक्स पर वाहन बेचने व खरीदने के मामले में धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का एसटीएफ कुमाऊं व साइबर टीम ने पर्दाफाश किया है। टीम ने संयुक्त कार्यवाही करते हुए मामले में संलिप्त दो आरोपियों को राजस्थान से पकड़ा है। जिन पर उत्तराखण्ड में कई लोगो के साथ ठगी करने का मामला प्रकाश में आया है। साइबर सेल अपराधियो को रिमांड पर लेकर अन्य मामलो में भी उनकी संलिप्ता को लेकर पूछताछ कर सकती है।
ज्यादातर लोग जरूरत का सामान खरीदने या अपना पुराना सामान बेचने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफार्म ओएलएक्स का प्रयोग करते हैं। तो वहीं कुछ जालसाज इस प्लेटफार्म का उपयोग लोगों के साथ धोखधड़ी करने के लिए उठाने लगे हैं। इस काम में लिप्त ठग कई तरह-तरह के हथकंडे अपनाकर लोगों को चुना लगाते है। जिसमें कई लोग अपने को सैन्य अधिकारी बताकर भी फ्राॅड कर लोगों को शिकार बनाते थे।
इसी क्रम में सोहन सिंह निवासी ऋषिकेश द्वारा साइबर ठगों ने सैन्य अधिकारी बताकर उसके साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी कर ली। दर्ज मामले में पीड़ित ने बताया कि उसने ओएलएक्स पर एक कार का विज्ञापन देखकर उसे खरीदने हेतु उस पर अंकित मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क किया गया। तो मोबाइल नम्बर धारक अज्ञात व्यक्ति द्वारा स्वयं को भारतीय सेना में बताया और अपने झांसे में लेकर उससे 143147 रूपये का चुना लगा दिया। जिसके बाद साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून में आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जांच साईबर थाने कुमाऊं के निरीक्षक ललित मोहन जोशी को सौंपी गई।
जिसके बाद टीम ने धोखधड़ी में प्रयोग किये गए मोबाइल फोन नम्बर के साथ ही धोखधड़ी के शिकार हुए व्यक्ति द्वारा धनराशि जिन बैक खातो में ट्रांसफर किये गए बैक से जानकारी प्राप्त की। जांच के दौरान टीम को अहम सुराग हाथ लगे और मोबाइल नम्बर व बैक खाते राजस्थान राज्य के मेवात क्षेत्र के होने की जानकारी प्राप्त हुई। उसके बाद टीम ने दबिश देकर चिन्हित किये गए दो आरोपितों को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपितों ने अपने नाम राहुल पुत्र युनुस खाँ निवासी ग्राम लालपुर थाना कामा जिला भरतपुर राजस्थान एवं सलमान पुत्र रूजदार उर्फ रोजेदार, निवासी ग्राम लुहेसर थाना कामा जिला भरतपुर राजस्थान बताया है। टीम को उनके पास से एक मोबाइल फोन के साथ ही विभिन्न आधार कार्ड भी प्राप्त हुए हैं।
साइबर अपराध के गढ़ के रूप में उभरा क्षेत्र
साइबर टीम ने मेवात में अपनी जांच के दौरान पाया कि यह क्षेत्र जामताड़ा झारखंड के तर्ज पर राजस्थान उत्तर प्रदेश हरियाणा की सीमा परिवेश मैं एक बड़ा साइबर अपराध का गढ़ उभर के आ रहा है और लगातार विभिन्न राज्यों की पुलिस इस क्षेत्र से गिरफ्तारी कर रही है ।
टीम में यह रहे शामिल
साइबर ठगो का पर्दाफाश करने वाली टीम में निरीक्षक साईबर क्राईम थाना कुमाँऊ परिक्षेत्र ललित मोहन जोशी, एसआई दिनेश पंत, का. मौ. उस्मान, मनमोहन, संजय कुमार आदि शामिल थे।
इस तरह फंसाते थे लोगों को
निरीक्षक ललित मोहन जोशी ने बताया कि अभियुक्तगण द्वारा ओएलएक्स पर आर्मी वालों के द्वारा अपने वाहन बेचने के लिए डाले गये असली विज्ञापन को सर्च कर उनसे ग्राहक बनकर बात कर व्हाट्सएप चैट से उनके असली आईडी, कैण्टीन स्मार्ट कार्ड, वाहन की फोटो, रजिस्ट्रेशन व इंश्योरेंस आदि जरूरी सभी कागजातों को डाउनलोड करके अपने भिन्न-भिन्न मोबाईलेां में सेव कर लेते थे। फिर इन असली डाक्यूमेण्ट्स के आधार पर ओएलएक्स में अपनी फर्जी आईडी बनाकर विज्ञापन डालकर उसमें अपना मोबाईल नंबर लिख देते हैं। इसके बाद जरूरतमंद लोग ओएलएक्स पर तथा विज्ञापन पर अंकित उनके मोबाईल नंबर पर सम्पर्क करते हैं। तो वह उन्हें सस्ते में वाहन बेचने के नाम पर अपने झांसे में लेकर ऐसे लोगों से धोखाधड़ी कर वाहन की डिलीवरी देने, पार्सल चार्ज आदि अलग-अलग बहानों से धनराशि पेटीएम खातों या परिचितो के बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लेते थे। उसके बाद उसे आपस में बराबर बांटकर अपने शौक पूरा करते थे।
