बरेली: मंडी शुल्क हटने से किसान फायदे में, प्रशासन को घाटा

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अमृत विचार, बरेली। एक तरफ कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलनरत हैं तो दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ने फल-सब्जी उत्पादों पर लिया जाने वाला मंडी शुल्क हटा दिया। इसके स्थान पर सेवा शुल्क और यूजर चार्ज वसूला जाएगा। इससे फल-सब्जी किसानों को फायदा मिलता नजर आ रहा है मगर मंडी समिति को तगड़ा झटका लगा …

अमृत विचार, बरेली। एक तरफ कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलनरत हैं तो दूसरी तरफ प्रदेश सरकार ने फल-सब्जी उत्पादों पर लिया जाने वाला मंडी शुल्क हटा दिया। इसके स्थान पर सेवा शुल्क और यूजर चार्ज वसूला जाएगा। इससे फल-सब्जी किसानों को फायदा मिलता नजर आ रहा है मगर मंडी समिति को तगड़ा झटका लगा है। नई व्यवस्था से करीब 75 लाख रुपये वार्षिक का घाटा हुआ है। इससे मंडी समिति के अफसर परेशान हैं।

डेलापीर फल-सब्जी मंडी में लगभग 450 व्यापारियों से मंडी समिति प्रत्येक कारोबारी से डेढ़ फीसदी मंडी शुल्क वसूलती थी। इस हिसाब से पूरे वर्ष में करीब 75 लाख रुपये का मंडी शुल्क मिलता था। अब शासन के नए आदेश से मंडी अधिकारी पशोपेश में हैं कि वे मंडी शुल्क का लक्ष्य कैसे पूरा कर पाएंगे। दूसरी तरफ आढ़ती इसका फायदा ग्राहकों को दे सकते हैं। फल सब्जियों की कीमतों में करीब डेढ़ फीसदी कम होने से ज्यादातर फल सब्जियों की कीमत में 10 रुपये प्रति किलो तक की कमी हो सकती है। हालांकि अभी छूट का फायदा नहीं मिल रहा।

चेकिंग का अधिकार भी छिना
मंडी शुल्क खत्म होने से मंडी समिति के अधिकारी मंडी के बाहर कृषि उत्पादों को पकड़कर उनसे भी जुर्माना नहीं वसूल सकते। उन्हें अब यह कार्रवाई मंडी की चाहरदीवारी के भीतर ही करनी होगी। पहले अधिकारी जनपद की सीमा से बाहर जाने वाले अनाज, फल, सब्जी आदि को बिना मंडी शुल्क दिए ले जाने पर कार्रवाई करते थे। पकड़े जाने पर मंडी शुल्क के साथ जुर्माना भी मिलता था। इससे महीने में लाखों का राजस्व प्राप्त होता था, लेकिन अब चेकिग बंद होने से राजस्व का नुकसान हो रहा है।

फल व्यापारी अफताब का कहना है कि कोरोना काल में सरकार ने सब्जी व्यापार से मंडी शुल्क हटाकर व्यापारी हित में अच्छा निर्णय लिया। इससे व्यापार को निश्चित ही लाभ मिलेगा। शासन इसके लिये बधाई का पात्र हैं। सोनू ने कहा कि सरकार ने मंडी शुल्क हटाकर फल व्यापारियों का हितैषी का परिचय दिया है। मंडी शुल्क वैसे तो काफी पहले ही हटना चाहिए था। अब मंडी शुल्क हटने से व्यापार दोगुना होने की उम्मीद जागी है।

शासन के निर्देश पर फल और सब्जी के व्यापार से मंडी शुल्क दिया गया है। इसके स्थान पर सेवा शुल्क और यूजर चार्ज वसूला जाएगा। वह भी तक जब मंडी में क्रय विक्रय होगा। -अनिल कुमार, सचिव कृषि उत्पादन मंडी समिति

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