बरेली: पुलिस ने नहीं खोले नाम, जमानत का पहले से कर रहे इंतजाम

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बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज गबन मामले में प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष, सचिव, दो पूर्व प्राचार्य और ठेकेदार समेत सिर्फ पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके बावजूद हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए आठ लोगों ने आवेदन किया है। आवेदन करने वालों में तीन नामजद आरोपियों के साथ पांच प्रबंध समिति के …

बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज गबन मामले में प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष, सचिव, दो पूर्व प्राचार्य और ठेकेदार समेत सिर्फ पांच लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। इसके बावजूद हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए आठ लोगों ने आवेदन किया है। आवेदन करने वालों में तीन नामजद आरोपियों के साथ पांच प्रबंध समिति के सदस्य हैं। हाईकोर्ट से क्राइम ब्रांच के बाद अंतरिम जमानत के आवेदन के संबंध में कागज भी पहुंच गए हैं। क्राइम ब्रांच विवेचना में साक्ष्य जुटाने के साथ फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

बरेली कॉलेज में परीक्षा भवन व अन्य निर्माण के गबन के मामले में 15 मार्च को एक साथ उपाध्यक्ष, सचिव, दो पूर्व प्राचार्य के घर गिरफ्तारी के लिए दबिश दी थी। पुलिस ने उपाध्यक्ष काजी अलीमुद्दीन को गिरफ्तार कर 16 मार्च को जेल भेज दिया था। काजी अलीमुद्दीन की जमानत अर्जी जिला जज की अदालत में लगी है। जिस पर अब 23 मार्च को सुनवाई होनी है। काजी अलीमुद्दीन की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपी फरार हो गए और अंतरिम जमानत के प्रयास में लग गए।

सूत्रों की मानें तो 17 मार्च को ही हाईकोर्ट में अंतरिम जमानत की अर्जी दे दी गई थी लेकिन अभी तक जमानत नहीं मिली है। हाईकोर्ट में प्रबंध समिति के सचिव, एक पूर्व प्राचार्य के अलावा 6 अन्य सदस्यों की जमानत अर्जी दी गई जबकि इन लोगों के नाम अभी विवेचना में शामिल नहीं किए गए हैं। इन लोगों को डर है कि कहीं इनके नाम विवेचना में शामिल न हो जाएं, क्योंकि क्राइम ब्रांच प्रबंध समिति में कौन-कौन पदाधिकारी हैं और बैठकों में कौन-कौन शामिल हुआ, परीक्षा भवन व अन्य निर्माण को लेकर हुई बैठकों में कौन शामिल रहा, इन सब का रिकार्ड कॉलेज से मांग चुकी है।

कॉलेज द्वारा क्राइम ब्रांच को सभी पदाधिकारियों के नाम, पते और मोबाइल नंबर की पूरी जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। पुलिस को ठेकेदार के बैंक अकाउंट की भी डिटेल मिल गई है। पुलिस ने बैंक से वर्ष 2016 से अब तक की पूरी डिटेल ली है। मौजूदा समय में ठेकेदार के खाते में लाखों की रकम है। निर्माण के संबंध में कितने चेक कॉलेज द्वारा दिए गए जिन्हें ठेकेदार ने अपने खाते में लगाकर रकम हासिल की, अब क्राइम ब्रांच इसकी जांच कर रही है।

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