बाराबंकी: विकृत मानसिकता की पराकाष्ठा… 4 साल की बच्ची के साथ 60 साल के अंधे व्यक्ति ने किया दुराचार, आजीवन कारावास
बाराबंकी। 4 साल की बच्ची के साथ दुराचार के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 70 हज़ार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या 46 अंकिता शुक्ला ने यह सजा सुनाई। घटना असंद्रा थाना अंतर्गत ग्राम बनियापुर में 12 सितंबर 2018 को घटित हुई …
बाराबंकी। 4 साल की बच्ची के साथ दुराचार के मामले में अभियुक्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही 70 हज़ार रूपये का जुर्माना भी लगाया गया। विशेष सत्र न्यायाधीश पॉक्सो कोर्ट संख्या 46 अंकिता शुक्ला ने यह सजा सुनाई। घटना असंद्रा थाना अंतर्गत ग्राम बनियापुर में 12 सितंबर 2018 को घटित हुई थी। जिसमें एक 4 वर्षीय अबोध बालिका के साथ 60 वर्षीय व्यक्ति रामदेव द्वारा दुराचार किया गया था।
घटना की चश्मदीद और दी वामुकदमा पीड़िता की मां ने बताया कि आरोपी दोनों आंखों से अंधा 60 वर्षीय व्यक्ति था। जिसने उसकी छोटी बच्ची को खेलते समय अपने पास बुला कर उसके साथ दुराचार किया। बच्ची के चिल्लाने पर वह मौके पर पहुंची और किसी तरह उसने अपनी बच्ची को अभियुक्त के चंगुल से छुड़ाया, उसके बाद उसने थाने पर फोन करके इसकी सूचना दी।
तत्कालीन थाना प्रभारी धीरेंद्र कुमार वर्मा अपने सहकर्मी के साथ मौके पर पहुंचे और मौका मुआयना किया। मुखबिर से सूचना मिलने पर पास के खेत से अभियुक्त को उसी दिन गिरफ्तार किया। एफआईआर दर्ज करते हुए उसके खिलाफ पर्याप्त सबूतों के आधार पर चार सीट तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत की गई। अभियुक्त तभी से जेल में बंद है।
अभियुक्त की ओर से मुकदमे की पैरवी के लिए घर का कोई भी सदस्य न्यायालय पर उपस्थित नहीं हुआ। उपरोक्त सूचनाएं अभियोजन का पक्ष रखते हुए विशेष लोक अभियोजक अजय सिंह द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों को आधार मानते हुए न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाई। साथ ही कहा कि निर्धारित जुर्माने की राशि अदा न करने पर 1 वर्ष का साधारण कारावास और भुगतना पड़ेगा।
न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी कहा कि लगाए गए जुर्माने की राशि बालिका की चिकित्सा व पुनर्वास की पूर्ति के लिए प्रतिकार के रूप में देय होगी। साथ ही अभियुक्त द्वारा जेल में बितायी गई अवधि उक्त सजा में समायोजित की जाएगी।
