देवरिया: आरक्षित सीट पर चुनाव लड़ने का निकाला तोड़, बेटे के लिए ढूंढी पिछड़ी जाति में बहू
देवरिया, अमृत विचार। एक व्यक्ति ने अपने बेटे का निकाह आनन-फानन में पिछड़ी जाति में कर दिया। जिससे कि बहू को प्रधानी का चुनाव लड़ा सकें। दरअसल, सीट पिछड़ी जाति में आरक्षित हो गई थी। इसलिए यह निर्णय लिया गया। हालांकि, बेटे सिराज अहमद ने कहा कि समाजसेवा करना है तो जाति और धर्म से …
देवरिया, अमृत विचार। एक व्यक्ति ने अपने बेटे का निकाह आनन-फानन में पिछड़ी जाति में कर दिया। जिससे कि बहू को प्रधानी का चुनाव लड़ा सकें। दरअसल, सीट पिछड़ी जाति में आरक्षित हो गई थी। इसलिए यह निर्णय लिया गया। हालांकि, बेटे सिराज अहमद ने कहा कि समाजसेवा करना है तो जाति और धर्म से ऊपर उठना होगा।
देवरिया जिले में सीट आरक्षित होने के कारण चुनावी रेस से बाहर हुए एक ऐसे ही नेता ने चुनाव लड़ने के लिए अपने बेटे का निकाह उसी जाति की लड़की से कर दिया। अब वे अपनी नई-नवेली बहू को प्रधानी का चुनाव लड़ाएंगे।
देवरिया के तरकुलवा ब्लॉक के नारायनपुर गांव की सीट पिछड़ी जाति के लिए आरक्षित हुई तो सामान्य जाति में आने वाले सरफराज नाम के एक व्यक्ति ने अपने बेटे का निकाह आनन-फानन में पिछड़ी जाति में कर दिया। जिससे कि बहू को प्रधान बनाया जा सके।
लड़की के पिता शब्बीर अंसारी ने कहा कि सरफराज से हमारा परिचय पुराना था। जब उनके गांव की सीट आरक्षित हुई तब उनकी ओर से शादी का प्रस्ताव रखा गया। उन्होंने कहा कि खुशी है कि मेरी बेटी ग्राम प्रधान बनकर गांव की सेवा करेगी। सलमा खातून ने बताया कि अपने निकाह से खुश हूं और ससुराल जाकर चुनाव लड़ूंगी। उन्होंने कहा कि मुझे समाजसेवा का मौका मिलेगा। गांव का विकास करूंगी।
