बरेली: प्रधान जी…पांच साल का हिसाब दो फिर चुनाव की बात करो

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बरेली,अमृत विचार। गांव की राजनीति चमकाने के लिए राजनीतिक दलों में उठा-पटक चल रही है। वहीं, इस बार पाई-पाई का हिसाब देने वाले प्रधानों को ही दोबारा चुनाव लड़ने की इजाजत दी जाएगी। हिसाब न देने वाले दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। जिला पंचायत राज अधिकारी धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत …

बरेली,अमृत विचार। गांव की राजनीति चमकाने के लिए राजनीतिक दलों में उठा-पटक चल रही है। वहीं, इस बार पाई-पाई का हिसाब देने वाले प्रधानों को ही दोबारा चुनाव लड़ने की इजाजत दी जाएगी। हिसाब न देने वाले दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।

जिला पंचायत राज अधिकारी धर्मेंद्र कुमार का कहना है कि जिस ग्राम पंचायत के कार्यपूर्ति प्रमाण नहीं मिलेंगे, वे प्रधान दोबारा से चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। जिले की 1093 ग्राम पंचायतों में चुनाव की तैयारी चल रही है। हर गांव में कई दावेदार चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं।

इस बीच शिकायतों का दौर भी बढ़ा है। विरोधी प्रधानों की शिकायतें करने के लिए लोकायुक्त तक पहुंच रहे हैं। इसे लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी ने समस्त विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के माध्यम से प्रधानों से हिसाब मांगना शुरू कर दिया है। चुनाव से पहले सभी प्रधानों और सचिवों कार्यपूर्ति प्रमाण देने होंगे। पिछले पांच साल का हिसाब देना होगा।

प्रधानों को यह बताना होगा कि उनकी ग्राम पंचायत को कुल कितनी धनराशि मिली। कितनी धनराशि किस मद में खर्च की गई है। शौचालयों के निर्माण को लेकर तो शिकायत नहीं है। कार्यपूर्ति प्रमाण न देने वाले ग्राम प्रधानों को चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं मिल पाएगी। डीपीआओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी भी चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों को भी अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा। जिला पंचायत का बकाया होने पर पर्चा खारिज हो सकता है। क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने के लिए भी किसी अनापत्ति प्रमाण पत्र देना होगा।

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