बरेली: सरकारी में चार तो निजी अस्पताल में सात प्रतिशत बर्बाद हो रही कोरोना वैक्सीन
बरेली,अमृत विचार। शासन ने कोविड वैक्सीन को बेकार होने से बचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसकी जानकारी तब हो सकी जब विभाग से शासन ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों से वैक्सीन वेस्टेज की सूचना मांगी थी जिसे स्वास्थ्य विभाग ने शासन को भेजा था। जानकारी मिलने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग …
बरेली,अमृत विचार। शासन ने कोविड वैक्सीन को बेकार होने से बचाने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसकी जानकारी तब हो सकी जब विभाग से शासन ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों से वैक्सीन वेस्टेज की सूचना मांगी थी जिसे स्वास्थ्य विभाग ने शासन को भेजा था।
जानकारी मिलने के बाद शासन ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि निजी अस्पतालों में दस लोगों की मौजूदगी के बाद ही वायल खोली जाएगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम निजी अस्पतालों में औचक निरीक्षण कर संबंधित अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई करेगी।
शासन ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों से कुछ दिनों पहले वैक्सीन वेस्टेज की जानकारी मांगी थी जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शासन को यह जानकारी भेज दी थी। भेजी गई जानकारी के बाद शासन स्तर पर इस वेस्टेज का प्रतिशत निकाला गया तो पता चला कि सरकारी अस्पताल में वेस्टेज का ग्राफ जहां चार फीसद है जबकि निजी अस्पतालों में यह सात फीसद से ज्यादा बताया जा रहा है। ऐसे में शासन ने अधिक वैक्सीनेशन के साथ कम से कम वैक्सीन वेस्टेज के आदेश जारी किए।
निजी अस्पतालों की सामान्य सिरिंज से वेस्टेज अधिक
जिला अस्पताल, जिला महिला अस्पताल के अलावा सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी आटो डिसेबल सिरिंज ही हैं। वहीं, निजी अस्पताल पारंपरिक सिरिंज ही वैक्सीनेशन में इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में वहां हर वायल में एक डोज एयर निकालने के लिए बर्बाद हो रही है। ऐसे में अब आटो डिसेबल सिरिंज ही सहारा हैं क्योंकि ये सिरिंज ऐसी है जिसमें वैक्सीन भरते समय एयर नहीं आती है। ऐसे में एयर निकालने में वैक्सीन बर्बाद नहीं होती है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. आरएन सिंह ने बताया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों के वैक्सीनेशन और कम से कम वैक्सीन बर्बाद हो, इस दिशा में प्रयास हो रहे हैं।
