बरेली: बंद मकान में दबीं चीखें, घर में जिंदा जली वृद्धा
बरेली, अमृत विचार। कोतवाली के अंतर्गत पड़ते बिहारीपुर इलाके में एक बुजुर्ग महिला की जलकर मौत हो गई। मकान में अचानक लगी आग से उन्हें बचने तक का मौका नहीं मिला। आग की लपटें देखकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। फायर ब्रिग्रेड ने भी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया लेकिन तब तक …
बरेली, अमृत विचार। कोतवाली के अंतर्गत पड़ते बिहारीपुर इलाके में एक बुजुर्ग महिला की जलकर मौत हो गई। मकान में अचानक लगी आग से उन्हें बचने तक का मौका नहीं मिला। आग की लपटें देखकर पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। फायर ब्रिग्रेड ने भी मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
बुजुर्ग महिला को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया लेकिन जान नहीं बचा जा सकी। वृद्धा के साथ चार बेजुबान कुत्तों की भी जलकर मौत हो गई। मोहल्ले में चर्चा है कि मच्छर मारने की क्वायल से मकान में आग लगी लेकिन असल कारणों का पता नहीं चल सका है।
बिहारीपुर निवासी 62 साल की वीना श्रीवास्तव पति के साथ बस्ती जिले में रहती थी। करीब 26 साल पहले पति की मौत के बाद वह बिहारीपुर अपने मायके में आकर रहने लगी थीं। उनका एक बेटा है जो दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। उनके खानदान के लोग पड़ोस में ही रहते हैं।
सोमवार को वह खाना खाने के बाद सो गई थीं। पड़ोसियों के मुताबिक, करीब रात एक बजे उनके कमरे से आग की तेज लपटें निकल रही थीं। पड़ोसियों ने शोर मचाया तो भीड़ लग गई। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिग्रेड की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पाया। आग में महिला गंभीर रूप से झुलस गई थी और सारा सामान जल गया था। महिला को तुरंत बाहर निकालकर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां देर रात महिला की उपचार के दौरान मौत हो गई।
पोस्टमार्टम हाउस पर भिड़े परिजन
बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे थे। महिला का भतीजे का कहना था कि पोस्टमार्टम हाउस से सीधे महिला को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया जाए। वही परिवार के कुछ लोगों का कहना था कि दिल्ली में रहने वाले बेटे के आने के बाद ही अंतिम संस्कार किया जाए। जिसको लेकर परिवार के लोग आपस में भिड़ गए। जिसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद पुलिस ने किसी तरह दोनों का शांत कराया।
एक दिन पहले जुलूस में जमकर झूमी थीं वीना
कोतवाली थाना प्रभारी पंकज पंत ने बताया कि वीना एक दिन पहले जुलूस में जमकर झूम रही थीं। उन्हें काफी खुश देखा था। वह होली वाले दिन निकले जुलूस में भी नाचीं थीं तो पुलिस ने उन्हें समझाकर भी भेजा था। वह दिमाग से कुछ कमजोर भी दिख रही थीं। उनके एक भाई नरेंद्र ही देखभाल करते थे। वह अलग कमरे में ही रहती थीं। दूसरे दिन उनकी जलकर मौत हो गई। जिसे एक दिन पहले खुश देखा था उसके साथ ऐसा हादसा हो गया।
