बरेली: लापरवाही की हद…48973 शस्त्र, 10 हजार भी जमा नहीं
बरेली, अमृत विचार। कानून व्यवस्था के लिहाज से पंचायत चुनाव काफी संवेदनशील माने जाते हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को यही निर्देश देने में लगा है कि कानून व्यवस्था में ढिलाई न बरतें। शस्त्रों को जल्द जमा कराएं ताकि गांवों की कानून व्यवस्था न …
बरेली, अमृत विचार। कानून व्यवस्था के लिहाज से पंचायत चुनाव काफी संवेदनशील माने जाते हैं। चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को यही निर्देश देने में लगा है कि कानून व्यवस्था में ढिलाई न बरतें। शस्त्रों को जल्द जमा कराएं ताकि गांवों की कानून व्यवस्था न बिगड़ सके लेकिन बरेली जनपद में शस्त्र जमा कराने को लेकर बड़ी लापरवाही बरती जा रही है।
पुलिस शस्त्रधारकों को शस्त्र जमा करने के लिए जागरूक नहीं कर सकी। यही वजह है कि जनपद में 48973 शस्त्र हैं और इनमें से अभी तक महज 10 हजार शस्त्र जमा नहीं हुए हैं।
25 मार्च तक 7628 शस्त्र जमा हुए थे। मौजूदा स्थिति देखने से लग रहा है कि शस्त्र जमा करने को लेकर न तो शस्त्र धारक गंभीर हैं और न ही पुलिस अधिकारी। बरेली में पहले चरण में मतदान होना है और शस्त्र जमा करने के लिए महज 14 दिन ही बचे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस ऐसा क्या जादू चलाएगी कि हजारों की संख्या में शस्त्र महज 14 दिन में जमा करा देगी जबकि गांवों में चुनावी बिगुल बज चुका है। शस्त्र धारक या चुनाव मैदान में हैं और अपनों को चुनाव लड़ाने में व्यस्त हैं।
कलेक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग के अधिकारी बताते हैं कि पुलिस शस्त्र जमा करा रही है। 25 मार्च तक की रिपोर्ट के अनुसार 7628 शस्त्र ही जमा हुए हैं। इस बार शस्त्र थानों के अलावा शस्त्र विक्रेताओं के यहां भी जमा करने की छूट मिली है।
500 से ज्यादा आवेदन पहुंचे, 200 सुरक्षा गार्डों को शस्त्र जमा करने से मिली छूट
शस्त्र जमा न करना पड़े, इसके लिए लोग सिफारिश लगवा रहे हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने वित्तीय संस्थाओं और फैक्ट्रियों के सुरक्षा गार्डों के शस्त्र जमा करने में छूट दी है लेकिन शस्त्र जमा करने से छूट देने के लिए स्क्रीनिंग कमेटी को पावर दी है। ऐसे में वित्तीय संस्थाएं और फैक्ट्रियों के प्रबंधनों की ओर से 500 से अधिक आवेदन कलेक्ट्रेट के शस्त्र अनुभाग पहुंचे हैं। मोटी फाइलें होने से शस्त्र अनुभाग के कक्षों में ढेर लग गया। उनका निस्तारण कराने के लिए फाइलें स्क्रीनिंग कमेटी के समक्ष भेजी गईं। इनमें से 200 सुरक्षा कर्मियों के शस्त्र जमा न करने की छूट दी गई है। इसके आदेश भी जारी किए गए हैं। जिला स्तर पर गठित स्क्रीनिंग कमेटी ने कागजातों की जांच के बाद अपनी रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी नगर/प्रभारी अधिकारी शस्त्र को भेजी। इसके बाद डीएम के अनुमोदन के बाद वित्तीय संस्थाओं व फैक्ट्रियों में बतौर सुरक्षा गार्ड तैनात वाले शस्त्रधारकों को छूट प्रदान की गई।
272 अति संवेदनशील प्लस और 359 अति संवेदनशील मतदान केंद्र
बरेली। पिछले चुनाव में जनपद के 15 ब्लॉकों के गांवों में हुए झगड़ों, मारपीट और शांतिभंग की घटनाओं की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर जनपद में 272 अति संवेदनशील प्लस और 359 अति संवेदनशील मतदान केंद्र घोषित किए हैं। साथ ही 528 मतदान केंद्रों को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। इस बार 3870 मतदान स्थल बनाए गए हैं। 30 जोन और 180 सेक्टरों में जनपद को बांटा गया है।
