बरेली: जब तक किसान लाएंगे गेहूं, तब तक होगी खरीद
बरेली, अमृत विचार। इसे किसान आंदोलन की तपिश कम करने की कोशिश कहें या सरकार की दरियादिली। इस साल गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य निर्धारित न करके किसानों को सरकार ने सहूलियत दी गई है। अब वे स्वेच्छा और उपलब्धता के आधार पर अपना गेहूं केंद्रों पर बेच सकेंगे। शासन से इस संबंध में स्पष्ट …
बरेली, अमृत विचार। इसे किसान आंदोलन की तपिश कम करने की कोशिश कहें या सरकार की दरियादिली। इस साल गेहूं खरीद का कोई लक्ष्य निर्धारित न करके किसानों को सरकार ने सहूलियत दी गई है। अब वे स्वेच्छा और उपलब्धता के आधार पर अपना गेहूं केंद्रों पर बेच सकेंगे। शासन से इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं जब तक किसानों का क्रय केंद्र पर गेहूं आएगा तब तक गेहूं खरीद जारी रहेगी।
इस बार क्रय एजेंसियों को अधिक से अधिक गेहूं खरीद के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, खरीद के दूसरे दिन अवकाश की वजह से केंद्रों पर सन्नाटा रहा। कहीं कोई खरीद नहीं हुई। कर्मचारी केंद्रों की व्यवस्थाएं दुरुस्त करते देखे गए।
इस बार जिले में 84 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। पिछले साल जिले में 1.61 लाख मिट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद हुई थी लेकिन इस बार सरकार ने किसान आंदोलन के बीच सरकार को घेरने में लगी विपक्षी पार्टियों को आईना दिखाने के लिए गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित नहीं किया है। एक वजह यह भी बताई जा रही है कि पिछले साल की अपेक्षा इस बार गेहूं का उत्पादन भी अधिक हुआ है। इसलिए जब तक केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर आए तब तक खरीद के निर्देश दिए हैं। हालांकि विपणन विभाग के अधिकारी लक्ष्य नहीं मिलने पर पिछले साल की अपेक्षा ही गेहूं खरीदने का मन बना चुके हैं।
डिप्टी आरएमओ सुनील भारती ने बताया कि इस बार 1975 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं की सरकारी खरीद होगी। अगले सप्ताह से केंद्रों पर गेहूं पहुंचने का सिलसिला जारी हो जाएगा। वहीं, गेहूं खरीद के बाद तीन दिन में पीएफएमएस के जरिये किसान का भुगतान होगा।
10 अप्रैल के बाद खरीद में आएगी तेजी
गेहूं खरीद भले ही शुक्रवार से शुरू हो गई हो, लेकिन खरीद में तेजी 10 अप्रैल के बाद आने की संभावना है। खेतों में फसल लहरा रही है। इधर, कृषि क्षेत्र से जुड़े लोग बताते हैं कि इस समय गेहूं की कटाई का काम शुरू कर दिया गया है। किसान इसमें पूरी तरह से व्यस्त हैं। बड़े पैमाने पर लेटलताफी के साथ बोया गेहूं अभी पका नहीं है। इसलिए केंद्रों पर गेहूं नहीं पहुंच रहा है।
हवा की तेजी से गेहूं कटाई हुई तेज
इस बार सर्दी भी पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा नहीं पड़ी। अप्रैल की शुरुआत से तेज हवा चल रही है। कई जगह बिजली के तार टूटने से लाखों की फसल बर्बाद हो गई। इसलिए किसानों को डर है कि कहीं मौसम बदलने के साथ गेहूं की फसल को नुकसान न पहुंच जाए। इसलिए वह तेजी से गेहूं की कटाई के साथ केंद्रों पर गेहूं बिक्री की कोशिश में लगे हैं।
सौ क्विंटल से अधिक बिक्री पर राजस्व विभाग से सत्यापन
गेहूं खरीद को बिचौलियों से मुक्त कराने के लिए सौ क्विंटल से अधिक गेहूं की बिक्री पर किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग के जरिये होगा। संयुक्त परिवार की स्थिति में कोई एक अथवा सभी सहखाता धारकों की सहमति से पंजीकरण कराया जा सकेगा। इसके लिए सह खातेदार का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होगा। बटाईदारों को भी गेहूं बिक्री की सुविधा है। गेहूं बेचने वाले किसान के अंगूठे की छाप ली जाएगी।
