बरेली: 25 सेवानिवृत्त अधिकारियों की लगा दी चुनाव ड्यूटी

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। पंचायत चुनाव में नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए निर्वाचन अधिकारी (आरओ) और सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) की तैयार की गई सूची में ऐन मौके पर झोल पकड़ा गया। 15 आरओ और 280 एआरओ में कई विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई लेकिन अधिकारियों का …

बरेली, अमृत विचार। पंचायत चुनाव में नामांकन से लेकर मतदान और मतगणना शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए निर्वाचन अधिकारी (आरओ) और सहायक निर्वाचन अधिकारी (एआरओ) की तैयार की गई सूची में ऐन मौके पर झोल पकड़ा गया। 15 आरओ और 280 एआरओ में कई विभागों के अधिकारियों की ड्यूटी लगा दी गई लेकिन अधिकारियों का सत्यापन नहीं किया।

मतदान प्रशिक्षण का समय आया तो एआरओ को कॉल की गई। इस दौरान मालूम हुआ कि 25 ऐसे जेई निकले जो 31 मार्च तक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। बीडीए का एक जेई 27 मार्च को हुई ट्रेनिंग में शामिल हुआ और रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी किए। जब 1 अप्रैल को ट्रेनिंग के लिए कॉल की गई तो बताया कि वह सेवानिवृत्त हो गए।

अधिकारी एआरओ की ड्यूटी कटवाने की सिफारिशों से पहले से ही परेशान थे, जब यह मालूम हुआ कि इतने अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनकी ड्यूटी भी कटेगी। तब अधिकारी और चिंतित हो गए। ऐसे में रिजर्व में रखे गए एआरओ से फोन पर संपर्क किया लेकिन अधिकांश एआरओ कॉल रिसीव नहीं कर रहे हैं।

शुक्रवार को दिनभर अपर जिलाधिकारी नगर कार्यालय के कर्मचारी एआरओ बनाए गए अधिकारियों को पीएनटी से कॉल करते रहे मगर किसी ने कॉल रिसीव की तो कुछ न कुछ बहाना बनाकर ड्यूटी करने से असमर्थता जताई। किसी ने कहा, मां तो कोई बोला पत्नी बीमार है।

एक अधिकारी ने कहा कि वह मझगंवा ब्लॉक की व्यवस्थाएं देख रहे हैं। इससे अधिकारी एआरओ की सूची फाइनल करने में उलझते रहे। एआरओ की किसी तरह संख्या पूरी करके सूची फाइनल करने में अधिकारी जुटे हैं। इधर, अपर जिलाधिकारी नगर महेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कुछ अधिकारी ड्यूटी करने में आनाकानी कर रहे हैं तो कुछ बीमारी का बहाना बनाकर ड्यूटी कटवाने की फिराक में हैं, लेकिन ऐसे अधिकारियों को राहत नहीं मिलेगी।

महंगाई बढ़ती गई, उम्मीदवारों के खर्च की सीमा नहीं बढ़ी
10 साल में बेतहाशा महंगाई बढ़ गई लेकिन पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों को खर्च करने की धनराशि में बढ़ोतरी नहीं हुई। राज्य निर्वाचन आयोग के समक्ष कई बार धनराशि बढ़ाने का मुद्दा उठ चुका है। इस बार भी तीन चुनावों से निर्धारित धनराशि ही उम्मीदवार खर्च कर सकेंगे। आयोग ने जिला पंचायत सदस्य के लिए 1.50 लाख रुपये, ग्राम प्रधान व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 75 हजार रुपये और ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 10 हजार रुपये खर्च की धनराशि निर्धारित की है। भले ही खर्च की धनराशि मामूली तय हुई लेकिन जिला पंचायद सदस्य और ग्राम प्रधान पद के उम्मीदवार प्रतिदिन 50 से 75 हजार रुपये खर्च कर रहे हैं। कई लुभावनी चीजें मतदाताओं के घरों तक पहुंच रही हैं। काले जामुन, रसमलाई, जलेबी समेत अन्य प्रकार की मिठाई के डिब्बे भी घर-घर पहुंचाए जा रहे हैं।

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