ऋषिकेश: इस बार कुंभ में मुख्य स्नान पर्वों पर ज्यादा भीड़ की संभावना नहीं- आईजी गुंज्याल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

ऋषिकेश, अमृत विचार। कोविड-19 के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि और उससे बचाव के लिए लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर अधिकारी इस बार गंगा तट पर हो रहे कुंभ के मुख्य स्नान पर्वों पर ज्यादा भीड़ जुटने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। कोविड महामारी के कारण सीमित अवधि के महाकुंभ के दौरान 12 अप्रैल, …

ऋषिकेश, अमृत विचार। कोविड-19 के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि और उससे बचाव के लिए लागू प्रतिबंधों के मद्देनजर अधिकारी इस बार गंगा तट पर हो रहे कुंभ के मुख्य स्नान पर्वों पर ज्यादा भीड़ जुटने की उम्मीद नहीं कर रहे हैं।

कोविड महामारी के कारण सीमित अवधि के महाकुंभ के दौरान 12 अप्रैल, 14 अप्रैल और 27 अप्रैल को तीन शाही स्नान पड़ रहे हैं जिनमें अधिकारियों को ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद नहीं लग रही है। हालांकि, उनका कहना है कि किसी भी तरह की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं कर ली गयी हैं। महाकुंभ मेले के पुलिस महानिरीक्षक संजय गुंज्याल ने कहा, ‘‘पुलिस व्यवस्था का एटलस तो अधिकतम भीड़ के लिए ही तैयार किया जाता है।

इसलिए हम किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। हालांकि, कोरोना संक्रमण के दोबारा तेजी से बढ़ने तथा उससे बचाव के लिए लागू दिशा-निर्देशों के कारण हमें बड़े स्नान पर्वों पर ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद नहीं है।’’ हरिद्वार से लेकर देवप्रयाग तक 670 हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फैले महाकुंभ क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए 12000 पुलिस और 400 अर्धसैनिक बल तैनात हैं जो कानून और व्यवस्था के साथ ही कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित करवाएंगे। हर 12 साल में एक बार होने वाला यह धार्मिक आयोजन सामान्यत: जनवरी से लेकर अप्रैल तक चलता है लेकिन इस बार कोविड के चलते इसे एक अप्रैल से 30 अप्रैल तक केवल एक माह के लिए सीमित कर दिया गया है।

उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से कोरोना वायरस संक्रमण के लगभग 500 मामले सामने आ रहे हैं जबकि मंगलवार को 791 नए मरीजों में महामारी की पुष्टि हुई। कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने को शीर्ष प्राथमिकता देते हुए पूरे कुंभ आयोजन में 30 जगहों पर कोविड के लिए आरटीपीसीआर जांच की जा रही है। महाकुंभ मेले के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी अर्जुन सेंगर ने बताया कि मेले में 12 प्रयोगशालाएं लगातार नमूनों की जाँच कर रही हैं जबकि 550 बिस्तरों वाला कोविड अस्पताल भी तैयार है।

उन्होंने बताया कि सभी 13 अखाड़ों के महामण्डलेश्वरों तथा महंतों से आग्रह किया जा रहा कि वे अपने अनुयायियों को कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जाँच कराने, मास्क पहनने, दो गज की शारीरिक दूरी रखने तथा नियमित रूप से हाथ धोने को प्रेरित करें। इस बीच गढ़वाल मंडल के आयुक्त रविनाथ रमन ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराना ही इससे बचाव का सार्थक विकल्प है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में उत्तराखंड उच्च न्यायालय के आदेश का भी कड़ाई से पालन कराया जा रहा है जिसमें श्रद्धालुओं को 72 घंटे पहले की निगेटिव कोविड रिपोर्ट लाना अनिवार्य है। हरिद्वार और पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र में मंगलवार तक रोजाना 35 हजार आरटी पीसीआर जांच हुई जबकि अब इसे 50 हजार से ज्यादा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

संबंधित समाचार

टॉप न्यूज

Barabanki News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट; 200 बच्चों की पढ़ाई पर भी मंडराया संकट
कानपुर में लोन डिफॉल्ट पर एक्शन : बैंक ने लगाया लैदर फैक्ट्री पर ताला, बकाया न चुकाने पर लिया कब्जा
Barabanki News: श्रावण से पहले शिव मंदिरों की विद्युत सुरक्षा दुरुस्त करने के निर्देश, डीएम बोले- लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी
NEET विवाद: सरकार-CJP वार्ता के बाद बढ़ी उम्मीदें, सरकार ने मानी 3 में से 2 मांगे; क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा?
Gonda News:चलती ट्रेन में गूंजी किलकारी, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में महिला ने दिया बच्चे को जन्म