सतर्कता और सावधानी

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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कोरोना की दूसरी लहर से निपटने को की गईं व्यवस्थाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। एक तरफ टीकाकरण चल रहा है, दूसरी तरफ संक्रमण दोगुनी ताकत से हमला कर रहा है। कोरोना के बदले हुए रूप को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संक्रमण की तीव्रता संभलने का मौका ही नहीं दे रही …

कोरोना की दूसरी लहर से निपटने को की गईं व्यवस्थाएं दम तोड़ती नजर आ रही हैं। एक तरफ टीकाकरण चल रहा है, दूसरी तरफ संक्रमण दोगुनी ताकत से हमला कर रहा है। कोरोना के बदले हुए रूप को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है। संक्रमण की तीव्रता संभलने का मौका ही नहीं दे रही है। परिणामस्वरुप संक्रमितों की संख्या व मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। संक्रमण के मामलों में लगातार 36वें दिन वृद्धि हुई है।

एक दिन में रिकॉर्ड दो लाख से अधिक मामले सामने आने के बाद कोरोना का इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर 15 लाख के करीब हो गई है जबकि 1,038 लोगों के जान गंवाने से मृतकों की संख्या बढ़कर 1,73,123 हो गई है। आबादी के लिहाज से दुनिया में भारत का नंबर दूसरा है। इतनी बड़ी आबादी को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा पाना साधारण बात नहीं है। अस्पतालों में बिस्तर कम पड़ने से लाखों लोग घरों में रहकर इलाज कराने के लिए विवश हैं। जीवन रक्षक इंजेक्शन और ऑक्सीजन की कमी ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी है।

ये आरोप भी लग रहे हैं कि शासन-प्रशासन नए संक्रमण के साथ ही मरीजों और मौतों की संख्या छिपा रहा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कहा कि यूपी सरकार ‘त्रासदी छिपाने में’ अपना समय, संसाधन और ऊर्जा लगाने की बजाय संक्रमण फैलने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाए। संक्रमण की पहली लहर की वापसी का एहसास होते ही जिस तरह की लापरवाही देखने को मिली उसका ये परिणाम निकलना ही था।

लगातार बढ़ रहे आंकड़ों की वजह से भय का माहौल है। इन परिस्थितियों में सरकार और प्रशासन जो कर रहा है, उसमें खामियां तो हैं लेकिन ऐसे समय में लोगों का अनुशासित होना भी जरूरी है। विशेषज्ञ भी कह रहे हैं कि बचाव के परंपरागत तरीकों से कोरोना को हराने में सफलता मिल सकती है। इसमें लापरवाही खतरनाक साबित हो सकती है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बैठक के दौरान टेस्ट, ट्रेसिंग और ट्रीटमेंट का सुझाव दिया था।

गुरुवार को महामारी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिशा-निर्देश दिए। इनमें कहा गया लोगों को मास्क और सैनिटाइजेशन के महत्व को समझाया जाए। नॉन कोविड मरीजों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। सभी जनपदों में कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप क्वारन्टीन सेंटर संचालित हों। कोविड से बचाव के लिए उपयोगी रेमिडिसीवीर और ऑक्सीजन की उपलब्धता पर सतत नजर रखी जाए। यानि सावधानी और सर्तकता से ही जीवन बचेगा। विशेषज्ञ भी कह रहे हैं कि यदि कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन का सही से पालन हो तो केवल दो सप्ताह में हम महामारी की भयावहता से उबर सकते हैं।