पंचायत चुनाव: बरेली में कई क्षेत्रों में बवाल के बीच 74.5 प्रतिशत मतदान
बरेली, अमृत विचार। बरेली जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान में कोविड नियमों का भले ही जमकर मखौल उड़ा लेकिन लोगों ने खुलकर मतदान किया। कोरोना का खौफ भूलकर लोग घरों से बाहर निकले और मतदान किया। जनपद में 74.5 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसमें नवाबगंज के सेंथल क्षेत्र के टांडा …
बरेली, अमृत विचार। बरेली जनपद में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के पहले चरण के मतदान में कोविड नियमों का भले ही जमकर मखौल उड़ा लेकिन लोगों ने खुलकर मतदान किया। कोरोना का खौफ भूलकर लोग घरों से बाहर निकले और मतदान किया। जनपद में 74.5 प्रतिशत मतदान हुआ है। इसमें नवाबगंज के सेंथल क्षेत्र के टांडा सादात में देर रात 11: 32 बजे तक वोटिंग हुईं। इसी क्षेत्र के ग्राम लाडपुर में भी 10: 25 तक वोटिंग हुई है।
फतेहगंज पश्चिमी क्षेत्र के क्षेत्र के ग्राम अकसोरा में भी देर रात 11 बजे तक वोटिंग चली। हालांकि मतदाताओं ने लाइनों में सामाजिक दूरी का पालन नहीं किया। छींकते और खांसते हुए लोगों ने वोट डाले। जिले के 15 ब्लॉकों की 1193 ग्राम पंचायतों में मतदान संपन्न कराने के लिए 1628 मतदान केंद्र और 3870 मतदान स्थल बनाए गए थे।
आंवला, नवाबगंज और बिथरी चैनपुर और बहेड़ी के कई बूथों पर फर्जी वोट डालने, बैलेट पेपर में चुनाव चिन्ह गायब होने को लेकर हंगामे हुए। कई स्थानों पर पुलिस को लाठियां फटकारनी पड़ीं। केसरपुर में मतपत्रों की दो पेटियों को अंधेरे में लेकर जाने पर बवाल हो गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मतदान अधिकारी और पुलिसकर्मी को घेर लिया। हंगामे की सूचना पर फोर्स पहुंचा। एक प्रत्याशी के समर्थकों ने नारेबाजी करते हुए पुलिस प्रशासन पर बगैर सील किए पेटियां ले जाने का आरोप लगाया।
अंधेरे में हंगामा बढ़ने पर पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठियां फटकारनी पड़ीं। इसके बाद पुलिस ने पेटियों को सुरक्षित कार में रखवाया और मतदान अधिकारी को वहां से निकाला। शाम 5 बजे तक जिले में 65.15 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। इसके बाद कलेक्ट्रेट स्थित जिला निर्वाचन कंट्रोल रूम ने दे रात 11.45 बजे के बाद मतदान प्रतिशत बताया।
पहली बार मतदान का युवाओं में दिखा गजब का उत्साह
युवा मतदाताओं ने पंचायत चुनाव में वोट डालने के लिए जबर्दस्त उत्साह दिखाया। लगभग सभी मतदान केंद्रों पर युवा मतदाताओं की कतार काफी लंबी रही। केसरपुर के सुरेंद्रपाल सिंह, डोहरिया की गीता, स्वाति आदि ने पहली बार वोट डाला। ये सभी अपने साथियों व अपने परिजनों के साथ वोट डालने पहुंचे। पहली बार बोट डालने केसरपुर स्थित मतदान केंद्र पर पहुंची योगिता पटेल कहना है कि युवा पीढ़ी ने मतदान का महत्व समझा। युवा पीढ़ी ही मतदान नहीं करेगी तो कौन करेगा? युवा पीढ़ी के मतदान करने से आगे मतदान प्रतिशत और बढ़ेगा और अच्छे लोग देश की सरकार चलाएंगे।
डोहरिया की गीता पटेल ने कहा कि उन्होंने पहली बार वोट डाला और अपना वोट डालने की जिम्मेदारी को पूरा किया है। वोट डालने के लिए होने वाले कई जागरूकता कार्यक्रम में भी वह कई बार हिस्सा ले चुकी हैं। मेधाव्रत ने कहा खुद वोट न डालते तो दूसरों को वोट डालने के लिए कहने का कोई हक नहीं बनता। इसलिए पहली बार बड़े उत्साह के साथ वोट डाला है। उनके अनुसार उसने जीवन में हर छोटे, बड़े चुनाव में वोट डालने का फैसला कर रखा है।
वोट के बाद सेल्फी लेने की रही होड़
अबकी मतदान करने वाले युवा मतदाताओं में सेल्फी लेने का क्रेज भी सिर चढ़कर बोला। मतदान के बाद पहचान पत्र और स्याही के साथ सेल्फी लेने को लेकर युवा मतदाताओं में काफी उत्साह था। हो भी क्यों न, आखिर उन्होने लोकतंत्र के पर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की थी। मतदान को लेकर युवाओं का उमंग सोशल साइट्स पर भी खूब दिखा। निजी वाहनों के परिचालन पर छूट दिये जाने को लेकर युवा काफी उत्साहित दिखे।
धूप और कोरोना के खतरे को दरकिनार कर वोट डालने में पीछे नहीं रहे वृद्ध
त्रिस्तरीय पंचायत के चुनाव में गुरुवार को मतदान स्थलों पर पहुंचे बुजुर्गों के मतदाताओं के चेहरे भले भी झुरियों से भरे हो, लेकिन अपने वोट डालने के लिए उनकी चमक कहीं से कम नहीं थी। उनका कहना था कि वोट डालकर हम अपना ही नहीं अपने देश के विकास के लिए भी बड़ा योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि वोट डालने का मकसद ही यही है कि वो अपने गांव के लिए अच्छे से अच्छे जनप्रतिनिधि का चुनाव कर सकें।
दिव्यांग बेटे के साथ व्हीलचेयर से वोट डालने पहुंचे राधेश्याम
भोजीपुरा ब्लॉक के भारत इंटर कॉलेज में बने मतदान केंद्र पर किसी तरह से व्हीलचेयर से राधेश्याम वोट डालने पहुंचे। उनके साथ उनका बेटा भी था और वो भी पैर से दिव्यांग था। राधेश्याम की वोटर पर्ची में कुछ गड़बड़ी हो गई थी। इसके बावजूद उन्होंने काफी देर तक पर्ची ठीक कराने मतदान केंद्र पर व्हीलचेयर पर बैठकर इंतजार किया। इसके बाद उन्होंने अपने बेटे के साथ वोट डाला।
